अयोध्या सांसद ने की राम मंदिर चढ़ावा चोरी की सुप्रीम कोर्ट जांच की मांग
अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग की है। एसआईटी ने 79 लाख 84 हजार रुपये बरामद किए हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बीच अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी काफी तेज हो गई है। अयोध्या के सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश प्रसाद ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सुप्रीम कोर्ट को इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एक विशेष कमेटी का गठन करना चाहिए। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने इसे देश की आस्था से जुड़ा विषय बताया।
राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा
अवधेश प्रसाद ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि यह कोई मामूली चोरी का मामला नहीं है और उन्होंने कहा कि यह मामला किसी एक राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की भावनाओं से जुड़ा है क्योंकि देशभर से श्रद्धालु भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या आते हैं। उन्होंने इस घटना को साधारण चोरी के बजाय डकैती की संज्ञा दी और सांसद ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और उनके नेता अखिलेश यादव ने ही इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद अब इस बड़े घोटाले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर निशाना
सपा सांसद ने चंपत राय के इस्तीफे के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चंपत राय को जांच शुरू होते ही अपना पद छोड़ देना चाहिए था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जब असम में घोटाले की खबरें आ रही थीं, तभी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा हो जाना चाहिए था और अवधेश प्रसाद के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की टीम द्वारा की गई जांच ही इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर सकती है, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
अखिलेश यादव का भाजपा पर तंज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है और उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा का लंकाकांड अब अयोध्या में ही होगा। उन्होंने इसे प्रभु की अलौकिक शक्ति का चमत्कार बताया और कहा कि अब अहंकार के साम्राज्य का अंत निश्चित है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए कहा कि लालच ने उन लोगों की आंखों का पानी मार दिया है जो पारदर्शिता की बात करते थे। उन्होंने गणित की हेराफेरी, सोने-चांदी की घटतौली और जेवरातों की चोरी को लेकर तीखे सवाल खड़े किए और इसे भ्रष्टाचार का घोर अंधकार करार दिया।
एसआईटी की जांच और बरामदगी
इस मामले में एसआईटी की जांच काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब तक सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने कोर्ट में पेशी के दौरान जानकारी दी कि शुरुआती जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ चोरी के पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच टीम ने अब तक 8 में से 7 आरोपियों के पास से करीब 79 लाख 84 हजार रुपये की राशि बरामद कर ली है। एसआईटी ने अपनी तफ्तीश के दौरान 27 अप्रैल से 5 जून तक के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की है। इन 45 दिनों के फुटेज में आरोपी कुल 70 बार चोरी की वारदातों को अंजाम देते हुए पाए गए हैं। इस मामले में अब सोमवार को कोर्ट में अगली सुनवाई होनी तय है।
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