ईरान को ट्रंप का 60 दिन का अल्टीमेटम: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका लगा सकता है अपना टोल

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर टोल लगा सकता है। स्विट्जरलैंड में वार्ता शुरू।

Jun 21, 2026 - 09:35
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ईरान को ट्रंप का 60 दिन का अल्टीमेटम: होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका लगा सकता है अपना टोल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान जारी किया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है और ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ईरान किसी भी प्रकार का टोल नहीं वसूलेगा। इसके साथ ही उन्होंने एक गंभीर चेतावनी भी दी है कि यदि ईरान निर्धारित 60 दिनों की समय सीमा के भीतर समझौता पूरा करने में विफल रहता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना स्वयं का टोल लगा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और स्विट्जरलैंड में महत्वपूर्ण तकनीकी वार्ता शुरू होने वाली है।

60 दिन का अल्टीमेटम और टोल की धमकी

शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ 60 दिन के अंतरिम सीजफायर की अवधि के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में कोई टोल नहीं लगेगा। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि 60 दिन की यह अवधि समाप्त होने के बाद भी कोई टोल नहीं वसूला जाएगा, जब तक कि वे टोल अमेरिका द्वारा और अमेरिका के लिए नहीं लगाए जाते। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शांति समझौता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिका मध्य पूर्व के देशों के लिए "गार्जियन एंजेल" के रूप में दी गई अपनी सेवाओं के बदले पिछली, वर्तमान और भविष्य की लागतों की भरपाई के लिए टोल वसूलना शुरू कर देगा। यह घोषणा संकेत देती है कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता की शुरुआत काफी कठिन रही है।

होर्मुज स्ट्रेट पर दावों और प्रतिदावों का दौर

इस बीच, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने एक चौंकाने वाला दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया है। ईरान ने इसके पीछे अमेरिका द्वारा युद्ध समाप्त करने में विफल रहने और अपनी प्रतिबद्धताओं का स्पष्ट उल्लंघन करने का तर्क दिया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने तुरंत इस दावे का खंडन किया। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने पुष्टि की कि यातायात सुचारू रूप से चल रहा है और अमेरिकी सेना यह सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर पैनी नजर रख रही है कि यह स्थिति बनी रहे। सेना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को 55 व्यापारिक जहाज इस मार्ग से गुजरे, जिनमें 17 मिलियन बैरल से अधिक तेल लदा हुआ था।

स्विट्जरलैंड में शुरू होगी उच्च स्तरीय वार्ता

स्ट्रेट बंद करने के ईरानी दावे के कुछ ही समय बाद, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने जानकारी दी कि उनकी बातचीत करने वाली टीम स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो रही है। इस टीम में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सेंट्रल बैंक व तेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस संभावित डील में ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने का मुद्दा भी शामिल है। दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि व्हाइट हाउस के वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से ही स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं। वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली बातचीत के तकनीकी विवरणों पर काम कर रहे हैं। वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि वे खुद भी अगले कुछ दिनों में स्विट्जरलैंड जाने की उम्मीद करते हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे रणनीतिक तेल मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से रोजाना लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल की आपूर्ति होती है। यही कारण है कि इस जलमार्ग पर किसी भी तरह का टोल लगाने या इसे बंद करने की धमकी का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, और कतर के मध्यस्थ भी रविवार से शुरू होने वाली तकनीकी स्तर की वार्ता में भाग लेंगे। अंतरिम समझौते का मुख्य उद्देश्य सभी मोर्चों पर लड़ाई को रोकना और एक स्थायी परमाणु समझौते तक पहुंचना है, जिसके लिए 60 दिन का समय निर्धारित किया गया है।

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