ईरान को ट्रंप की चेतावनी परमाणु निरीक्षण नहीं तो बातचीत होगी रद्द
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि परमाणु निरीक्षण न होने पर बातचीत रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने ईरान की सैन्य स्थिति को कमजोर बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर एक नया और कड़ा रुख अपनाया है। पेन्सिलवेनिया में मंगलवार को एक संबोधन के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तेहरान अपने देश में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को परमाणु निरीक्षण की अनुमति नहीं देता है, तो वाशिंगटन ईरान के साथ तकनीकी बातचीत के तहत होने वाली सभी बैठकों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन ट्रंप की हालिया बयानबाजी ने इस प्रक्रिया में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन को दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत के हिस्से के रूप में निरीक्षण की पहुंच के बारे में पूरी तरह से आश्वस्त किया गया है।
निरीक्षण पर ट्रंप का कड़ा रुख
समझौते के तहत संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निरीक्षकों की तैनाती के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पहले ही सैद्धांतिक रूप से इन शर्तों पर सहमत हो चुका है और उन्होंने उन चिंताओं को खारिज कर दिया जिनमें ईरान के मुकरने की बात कही जा रही थी। ट्रंप ने कहा, वे गलत हैं, वे गलत हैं, वे गलत हैं और वे जानते हैं कि वे गलत हैं। उन्होंने हमें अंदरूनी तौर पर बताया था और हमारे पास निरीक्षण के लिए 100 फीसदी पक्की जानकारी है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपनी बात से पलटता है, तो वे अभी इसी वक्त बैठकें रद्द कर देंगे। निरीक्षण की समय-सीमा के बारे में उन्होंने कहा कि यह सही समय पर होगा और इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन निरीक्षक सही समय पर वहां मौजूद रहेंगे।
ईरान की सैन्य और रणनीतिक स्थिति
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की वर्तमान स्थिति को लेकर बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि हमने ईरान को ऐसी स्थिति में ला दिया है जिसे पहले कोई भी कभी नहीं ला पाया था। ट्रंप के अनुसार, यह काम दूसरे राष्ट्रपतियों को 47 साल पहले ही कर लेना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि अब ईरान की सेना पूरी तरह से खत्म हो गई है और उनका नेतृत्व भी समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ईरान का रडार सिस्टम भी अब काम नहीं कर रहा है। उनके अनुसार, ईरान रणनीतिक रूप से बेहद कमजोर हो चुका है और इसी वजह से वह बातचीत की मेज पर है। ट्रंप ने कहा, हम ईरान के साथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वे बुरी तरह से टूट चुके हैं, और हम उनके साथ एक समझौता कर रहे हैं, और देखेंगे कि सब कैसे आगे बढ़ता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल आपूर्ति
बातचीत के दौरान ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल और गैस की आपूर्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि स्विट्जरलैंड में 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत शुरू हुई तकनीकी बातचीत के बाद तेल की आवाजाही में बड़ी रुकावट देखी गई है। ट्रंप ने एक विशिष्ट घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसा कि आपने कल सुना होगा, 19 बैरल तेल की आपूर्ति रुक गई, और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के इतिहास में सबसे बड़ी घटना है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में तनाव को कम करना और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
मानवीय सहायता और आर्थिक समझौता
संभावित आर्थिक समझौते के बारे में बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इसमें ईरान की मानवीय जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि ईरान में इस समय भुखमरी, भोजन और दवाओं की भारी कमी है। ट्रंप ने एक योजना का प्रस्ताव दिया जिसके तहत ईरान से जो पैसा लिया जाएगा, वह अमेरिकी किसानों को दिया जाएगा। इसके बदले में अमेरिकी किसान ईरान को मक्का, सोयाबीन और गेहूं जैसी आवश्यक फसलें भेज सकेंगे। ट्रंप ने दोहराया कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हों और वर्तमान में वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु निरीक्षण, प्रतिबंधों में ढील और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक चर्चा जारी है।
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