ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा: नहीं सौंपेगा अपना यूरेनियम भंडार, सोमवार को वार्ता

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के यूरेनियम सौंपने के दावे को खारिज कर दिया है। 21 अप्रैल को सीजफायर खत्म होने से पहले सोमवार को फिर से शांति वार्ता होगी।

Apr 18, 2026 - 09:35
 0  3
ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा: नहीं सौंपेगा अपना यूरेनियम भंडार, सोमवार को वार्ता

ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ सीज़फायर आगामी 21 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है। इस समय सीमा के करीब आने के साथ ही, एक स्थायी समझौते पर पहुँचने के लिए दोनों पक्षों की ओर से कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं और हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित शांति-वार्ता का पहला दौर किसी ठोस नतीजे पर पहुँचे बिना ही असफल रहा था। अब सोमवार को एक बार फिर दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर शुरू होने वाला है।

ईरान का ट्रंप के दावे पर पलटवार: यूरेनियम हस्तांतरण से इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह दावा किया था कि ईरान अपना यूरेनियम सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि ईरान के साथ जल्द ही एक समझौता संपन्न हो जाएगा। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर ट्रंप के इस दावे को झुठला दिया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपना यूरेनियम भंडार किसी भी स्थिति में नहीं सौंपेंगे। एक ईरानी अधिकारी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनका यूरेनियम भंडार देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और ईरान इसे किसी भी अन्य देश या पक्ष को हस्तांतरित (Transfer) नहीं करेगा।

ट्रंप की मांग और 'परमाणु धूल' का विवाद

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादास्पद बयान में कहा था कि उन्हें ईरान की 'परमाणु धूल' चाहिए। ट्रंप के अनुसार, उनके B-2 बॉम्बर ने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर जो बमबारी की थी, उससे वहां भारी तबाही मची थी और परमाणु अवशेष या 'परमाणु धूल' गहराई में दब गई थी। ट्रंप ने कई मौकों पर इस बात को दोहराया है कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देंगे। ट्रंप का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता से पूरी तरह रोकना है और उनका मानना है कि इस 'परमाणु धूल' के बिना ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ा पाएगा।

शांति-वार्ता का अगला चरण और मौजूदा गतिरोध

आगामी सोमवार को होने वाली वार्ता दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ट्रंप चाहते हैं कि प्रस्तावित शांति समझौते के तहत अमेरिका और ईरान मिलकर उन ठिकानों पर खुदाई करें जहाँ परमाणु अवशेष दबे हुए हैं और उन्हें वहां से निकाल लिया जाए। दूसरी ओर, ईरान का रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है। ईरान का कहना है कि उसकी मंशा परमाणु हथियार बनाने की नहीं है। ईरान के अनुसार, वह केवल अपने देश के विकास और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा विकसित करना चाहता है। 21 अप्रैल की समय सीमा से पहले होने वाली यह बातचीत तय करेगी कि दोनों देश किसी स्थायी समाधान पर पहुँच पाते हैं या नहीं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow