ईरान पर आज रात जबरदस्त हमले की धमकी, ट्रंप बोले तेल पर करेंगे कब्जा

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आज रात बड़े हमले की घोषणा की है और खर्ग द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे पर कब्जा करने की चेतावनी दी है।

Jun 11, 2026 - 21:35
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ईरान पर आज रात जबरदस्त हमले की धमकी, ट्रंप बोले तेल पर करेंगे कब्जा

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बहुत बड़ी और सीधी धमकी देते हुए वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका आज रात ईरान पर एक जबरदस्त हमला करने जा रहा है और यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं और सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है।

सैन्य ठिकानों और रक्षा प्रणालियों पर हमले की योजना

डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस हमले की रूपरेखा साझा की है। उन्होंने बताया कि इस सैन्य कार्रवाई में ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार सिस्टम और एंटी-एयरक्राफ्ट प्रणालियों को मुख्य रूप से निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप का दावा है कि इस हमले का उद्देश्य ईरान की रक्षा प्रणालियों और उसकी हमला करने की क्षमता को पूरी तरह से खत्म करना है। राष्ट्रपति के अनुसार, अमेरिका ईरान के उन सभी महत्वपूर्ण सैन्य ढांचों को नष्ट कर देगा जो अमेरिकी हितों के लिए खतरा बन सकते हैं।

खर्ग द्वीप और तेल बाजार पर कब्जे का इरादा

सैन्य हमलों के अलावा, ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले तेल क्षेत्र पर भी अपनी नजरें टिका दी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में अमेरिका खर्ग द्वीप और तेल से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर कब्जा कर लेगा। ट्रंप ने इस योजना की तुलना वेनेजुएला के मामले से की है, जहां अमेरिका ने तेल और गैस बाजार पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की थी। उनका मानना है कि ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण करना अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और यह वेनेजुएला की तरह ही प्रभावी साबित होगा।

तख्तापलट की कोशिश और सहयोगियों से निराशा

फॉक्स एंड फ्रेंड्स के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के आंतरिक मामलों को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सरकार को गिराने के उद्देश्य से वहां के लोगों तक हथियार पहुंचाने की कोशिश की थी। इस योजना के लिए अमेरिका ने क्षेत्रीय सहयोगियों, विशेषकर कुर्द लड़ाकों का सहारा लिया था। हालांकि, ट्रंप ने इस बात पर गहरी निराशा व्यक्त की कि कुर्दों ने उन हथियारों को आगे बांटने के बजाय अपने पास ही रख लिया। उन्होंने कहा कि शुरू में इस योजना पर संदेह था, जो बाद में सच साबित हुआ और ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह सहयोगियों द्वारा दी गई इस निराशा को याद रखेंगे।

शांति वार्ता में रुकावट और भविष्य की कार्रवाई

ट्रंप ने संकेत दिया है कि गुरुवार को भी ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई जारी रह सकती है क्योंकि शांति वार्ता रुकी हुई प्रतीत हो रही है। एक तरफ जहां ट्रंप जबरदस्त हमले की धमकी दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने शांति समझौते की संभावना को भी खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई ठोस डील होती है, तो वह स्विट्जरलैंड में शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। इस बीच, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जानकारी दी है कि ईरान के राजनीतिक नेतृत्व और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) दोनों के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि IRGC का रुख अधिक कट्टर है, जिसके कारण बातचीत में बार-बार बाधाएं आ रही हैं।

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