ईरान पर हमला टालने का ट्रंप का बड़ा फैसला, खाड़ी देशों के अनुरोध पर बदला इरादा
राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी देशों के अनुरोध पर ईरान पर सैन्य हमला टाल दिया है, लेकिन अमेरिकी सेना को किसी भी समय हमले के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने ईरान पर होने वाले नियोजित सैन्य हमले को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया है और यह फैसला मध्य पूर्व में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों के विशेष अनुरोध के बाद लिया गया है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिकी सेना को किसी भी क्षण ईरान पर बड़ा हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, यदि कोई स्वीकार्य समझौता नहीं होता है।
खाड़ी देशों का अनुरोध और हमले का स्थगन
सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेताओं सहित खाड़ी क्षेत्र के सहयोगियों ने उनसे इस हमले को टालने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा कि मंगलवार 19 मई को होने वाले इस हमले को फिलहाल इसलिए टाला जा रहा है क्योंकि इस समय गंभीर बातचीत और विचार-विमर्श का दौर चल रहा है। इससे पहले ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से 19 मई की तारीख का खुलासा नहीं किया था, लेकिन अब उन्होंने इसे टालने की पुष्टि कर दी है।
ईरान के लिए कम होता समय और युद्धविराम की स्थिति
राष्ट्रपति ट्रंप पिछले कई हफ्तों से ईरान को लगातार चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास समझौता करने के लिए समय बहुत कम बचा है। ट्रंप के अनुसार, यदि ईरान जल्द ही किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचता है, तो अप्रैल के मध्य में हुआ नाजुक युद्धविराम किसी भी समय खत्म हो सकता है और युद्ध की स्थिति फिर से पैदा हो सकती है। वीकेंड के दौरान उन्होंने कड़े शब्दों में कहा था कि ईरान को जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए, अन्यथा उनका कुछ भी शेष नहीं बचेगा।
सैन्य तैयारी और बदलती शर्तें
हमले को टालने के बावजूद ट्रंप ने अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है और उन्होंने निर्देश दिया है कि यदि बातचीत विफल रहती है, तो सेना किसी भी समय बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे। गौर करने वाली बात यह है कि समझौते के लिए ट्रंप के मापदंड और शर्तें लगातार बदल रही हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान की राह और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई स्वीकार्य समझौता नहीं होता है, तो वे किसी भी क्षण ईरान पर बड़ा हमला करने के लिए तैयार हैं।
वैश्विक नेताओं से चर्चा
ईरान के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप केवल खाड़ी देशों तक ही सीमित नहीं रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने इस गंभीर विषय पर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी विस्तृत चर्चा की है। ट्रंप ने तेहरान को कई बार समय सीमा दी है और फिर पीछे हटे हैं, लेकिन उनकी ताजा घोषणा यह संकेत देती है कि वे अभी भी कूटनीति को एक मौका देना चाहते हैं, हालांकि सैन्य विकल्प पूरी तरह से खुला हुआ है।
युद्धविराम का भविष्य
ट्रंप हफ्तों से धमकी दे रहे हैं कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो अप्रैल के मध्य में हुआ युद्धविराम खत्म हो सकता है। समझौते के लिए उनके मापदंड लगातार बदल रहे हैं। राष्ट्रपति ने हमले की योजना के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या चल रही गंभीर बातचीत से कोई समाधान निकलेगा या फिर क्षेत्र में युद्ध के बादल फिर से गहराएंगे।
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