उत्तर पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश के आसार, मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल
मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत में 13 जून तक बारिश और मानसून के बिहार-झारखंड में प्रवेश का अनुमान जताया है। यूपी और राजस्थान में लू का अलर्ट जारी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में मानसून छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उड़ीसा के कुछ हिस्सों में अपनी दस्तक दे सकता है। यह उन क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है जो मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मानसून की यह सक्रियता कृषि और जल संसाधनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उत्तर पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर पश्चिम भारत के मौसम में वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलाव देखा जा रहा है। इस विक्षोभ के चलते 13 जून तक इस क्षेत्र में बारिश का प्रभाव बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मुख्य रूप से 11 और 12 जून को गरज के साथ बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। यह मौसमी बदलाव उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में गर्मी से कुछ समय के लिए राहत दिला सकता है, हालांकि इसके साथ आने वाली तेज हवाएं और ओले फसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी वर्षा की चेतावनी
पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में अगले पांच से सात दिनों के दौरान मौसम काफी सक्रिय रहेगा। विभाग ने अनुमान जताया है कि इन क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर 7 से लेकर 20 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन राज्यों में मानसून पहले से ही सक्रिय है और आने वाले दिनों में इसकी तीव्रता और बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटों की मौसमी हलचल
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिला है। हिमालयी क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही दक्षिण कंकण, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में भी भारी बारिश हुई है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आई हैं। देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
मानसून की वर्तमान स्थिति और तापमान का पूर्वानुमान
मानसून की प्रगति की बात करें तो अगले तीन से चार दिनों में इसके महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इस दौरान यह तमिलनाडु के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। इसी समय सीमा के भीतर मानसून छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उड़ीसा में भी प्रवेश कर सकता है और तापमान के मोर्चे पर, उत्तर पश्चिम भारत में अगले 24 घंटे तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 11 से 13 जून के बीच पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य भारत में 12 जून तक तापमान स्थिर रहेगा, जिसके बाद 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है। पूर्वी भारत में 12 से 14 जून के बीच तापमान में 2 से 4 डिग्री की कमी आने का अनुमान है।
ऑरेंज अलर्ट और लू की स्थिति
मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज के साथ बिजली और तेज हवाओं का असर दिखेगा। असम, मेघालय और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है और वहीं, कर्नाटक, गोवा और केरल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दूसरी ओर, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में लू (हीटवेव) का कहर जारी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ओले गिरने की भी संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान है।
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