केरल सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के दिए आदेश

केरल के गृह मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2006 के पीडब्ल्यूडी मामले और इंजीनियर की आत्महत्या को लेकर विजिलेंस जांच के आदेश दिए।

Oct 4, 2026 - 12:35
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केरल सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के दिए आदेश

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो से जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। यह पूरा मामला लगभग 20 साल पुराना है, जो वर्ष 2006 का है। उस समय ज्ञानेश कुमार केरल राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) में सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान विभाग में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ था। राज्य सरकार के इस आदेश के बाद अब विजिलेंस विभाग इस पुराने मामले की फाइलों को फिर से खंगालने की तैयारी में है।

मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या और सुसाइड नोट का मामला

इस जांच का सबसे गंभीर पहलू एक मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली की आत्महत्या से जुड़ा है और इंजीनियर ली केरल राज्य परिवहन परियोजना के अंतर्गत एमसी रोड (MC Road) के सुधार और अपग्रेडेशन कार्य में लगे हुए थे। वे इस प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे PATI-BEL कंसोर्टियम का हिस्सा थे। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने दावा किया है कि इंजीनियर ली ने जब आत्महत्या की, तो उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। इस सुसाइड नोट में तत्कालीन पीडब्ल्यूडी सचिव ज्ञानेश कुमार के नाम का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। अब विजिलेंस विभाग इस बात की जांच करेगा कि उस समय ऐसी क्या परिस्थितियां बनी थीं कि एक विदेशी इंजीनियर को आत्मघाती कदम उठाना पड़ा और उसमें सरकारी अधिकारियों की क्या भूमिका थी।

शिकायत और सरकार की कार्रवाई का आधार

विजिलेंस जांच का यह आदेश कांग्रेस कार्यकर्ता मलयिनकीझु वेणुगोपाल द्वारा दी गई एक औपचारिक शिकायत के बाद आया है। वेणुगोपाल ने गृह मंत्री को सौंपी गई अपनी शिकायत में ज्ञानेश कुमार के पीडब्ल्यूडी सचिव रहने के दौरान हुई विभिन्न गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के मामलों का विस्तार से विवरण दिया है। मंत्री चेन्निथला ने कहा कि शिकायत में कई गंभीर मुद्दों का जिक्र किया गया है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने विजिलेंस डायरेक्टर को सीधे निर्देश दिए हैं कि वे इस शिकायत की गहराई से जांच करें और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि न्याय दिलाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।

राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों पर मंत्री का स्पष्टीकरण

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है और उन्होंने कहा कि हालांकि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहा है और राहुल गांधी भी भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन यह मामला पूरी तरह से अलग है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पर केंद्र सरकार और भाजपा के इशारे पर काम करने के आरोप लग रहे हैं और SIR जैसे अन्य मुद्दे भी चर्चा में हैं, लेकिन एक मंत्री के तौर पर मेरा यह कर्तव्य है कि अगर कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है, तो उसकी जांच कराई जाए।

देशव्यापी प्रदर्शन और वर्तमान स्थिति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह जांच आदेश ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में विपक्ष लगातार हमलावर है। मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन अभी भी जारी है। इन प्रदर्शनों के बीच केरल सरकार द्वारा 2006 के मामले को फिर से खोलना ज्ञानेश कुमार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो अब इस मामले में शामिल सभी दस्तावेजों, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और उस पुराने सुसाइड नोट की जांच करेगा ताकि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

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