चीन की बड़ी कूटनीतिक घेराबंदी: ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाइ की विदेश यात्रा रद्द

चीन के दबाव में सेशेल्स, मेडागास्कर और मॉरीशस ने ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाइ को एयरस्पेस देने से मना किया, जिससे उनकी एस्वातिनी यात्रा रद्द हो गई।

Apr 21, 2026 - 19:35
 0  0
चीन की बड़ी कूटनीतिक घेराबंदी: ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाइ की विदेश यात्रा रद्द

ताइवान के राष्ट्रपति विलियम लाइ चिंग ते के खिलाफ चीन ने एक बड़ा कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाया है, जिसे 'साइलेंट गेम' के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्रवाई के कारण ताइवान के राष्ट्रपति अपने देश से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और राष्ट्रपति विलियम लाइ विदेश यात्रा पर जाना चाहते थे, लेकिन रास्ते में पड़ने वाले देशों ने चीन के दबाव में आकर ताइवान के विमान को अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) में उड़ान भरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह पहली बार है जब चीन ने राष्ट्रपति लाइ के खिलाफ इतने बड़े स्तर पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

हवाई क्षेत्र के उपयोग पर प्रतिबंध और यात्रा रद्दीकरण

ताइवान सरकार के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति विलियम लाइ चिंग ते की एस्वातिनी की प्रस्तावित यात्रा को रद्द करना पड़ा है और एस्वातिनी जाने के मार्ग में पड़ने वाले तीन प्रमुख देशों—सेशेल्स, मेडागास्कर और मॉरीशस—ने ताइवान के राष्ट्रपति के विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी है। ताइवान सरकार का दावा है कि इन देशों ने चीन के भारी दबाव के कारण यह निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि कुछ ही समय पहले चीन ने ताइवान के आसपास के एयरस्पेस को भी बंद करने का निर्णय लिया था।

मेडागास्कर का आधिकारिक रुख और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ताइवान सरकार ने स्पष्ट किया है कि लगभग डेढ़ साल के अंतराल के बाद यह पहली बार है जब चीन के हस्तक्षेप के कारण राष्ट्रपति किसी विदेशी यात्रा पर नहीं जा पा रहे हैं। इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति लाइ ने चीन सरकार पर तीखा हमला बोला है और उन्होंने कहा कि चीन की इस हरकत को पूरी दुनिया देख रही है और इस तरह के कदमों से चीन को कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है। दूसरी ओर, मेडागास्कर के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में स्पष्ट किया कि वे केवल चीन को मान्यता देते हैं, जिसके कारण ताइवान के राष्ट्रपति की उड़ान पर प्रतिबंध लगाया गया है।

चीन द्वारा ताइवान की सैन्य और रणनीतिक घेराबंदी

हाल के समय में चीन ने ताइवान के चारों ओर अपनी सैन्य सक्रियता और घेराबंदी को काफी तेज कर दिया है।

राजनीतिक पैंतरेबाजी और विपक्षी नेताओं से संपर्क

चीन न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी ताइवान को साधने की कोशिश कर रहा है और चीन ने हाल ही में ताइवान के मुख्य विपक्षी नेता चेंग ली वुन को बीजिंग आमंत्रित किया था। वहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्वयं चेंग ली वुन से मुलाकात की और जोर देकर कहा कि ताइवान चीन का हिस्सा है और इस वास्तविकता को सभी को समझने की आवश्यकता है। चेंग को राष्ट्रपति विलियम लाइ का धुर विरोधी माना जाता है और उनकी पार्टी को ताइवान में चीन समर्थक माना जाता है। इसके अतिरिक्त, चीन की नजर मई के मध्य में होने वाली डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा पर भी टिकी है, जिसके बाद ताइवान को लेकर बड़े फैसलों की संभावना जताई जा रही है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow