जसपाल राणा का निधन: डॉक्टर बलबीर सिंह ने बताया मौत का असली कारण
दिग्गज शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया है। डॉक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि पुराने हार्ट अटैक और कार्डियक रप्चर के कारण उनकी मृत्यु हुई।
भारतीय खेल जगत के लिए आज का दिन एक अत्यंत दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर लेकर आया है। भारत के महानतम पिस्टल शूटर और देश के दिग्गज शूटिंग कोच जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। विदेशी सरजमीं पर अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बाद वतन लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ना और फिर दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका अचानक चले जाना पूरे देश के लिए एक गहरा सदमा है। जसपाल राणा ने न केवल एक खिलाड़ी के रूप में भारत का मान बढ़ाया, बल्कि एक कोच के तौर पर भी उन्होंने कई चैंपियन तैयार किए।
म्यूनिख से वापसी और बिगड़ती तबीयत का घटनाक्रम
जसपाल राणा भारतीय शूटिंग टीम के साथ जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित हो रहे वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने गए थे। वहां से वह 1 जून को भारत वापस लौटे थे। वतन वापसी के कुछ ही घंटों के भीतर उनकी तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें बिना किसी देरी के दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत उनकी सर्जरी की और एक स्टेंट भी लगाया और शुरुआती तौर पर यह सर्जरी सफल रही थी और डॉक्टरों को उम्मीद थी कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे।
डॉक्टर बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण बयान
जसपाल राणा के निधन के बाद मैक्स अस्पताल के कार्डियक साइंसेज के ग्रुप चेयरमैन और चीफ ऑफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. बलबीर सिंह ने उनकी मृत्यु के पीछे के कारणों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ और सिंह ने बताया कि जब जसपाल राणा को अस्पताल लाया गया था, तब उनकी स्थिति पहले से ही काफी नाजुक थी। जांच में यह बात सामने आई कि उन्हें एक गंभीर हार्ट अटैक आ चुका था, जो करीब 3 दिन पुराना था। डॉक्टर के अनुसार, वह लगातार यात्रा कर रहे थे और इस दौरान उनके सीने में लगातार दर्द बना हुआ था, जिसे उन्होंने संभवतः सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया था।
अस्पताल में हुई जांचों से पता चला कि जिस मुख्य आर्टरी की वजह से उन्हें हार्ट अटैक आया था, वह पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी थी और इलाज में देरी होने के कारण उनके दिल की पंपिंग क्षमता काफी कमजोर हो गई थी और वह हार्ट फेलियर की स्थिति में पहुंच चुके थे। हालांकि डॉक्टरों ने एक स्टेंट लगाकर उनकी स्थिति को संभालने की कोशिश की थी और जल्द ही उन्हें दूसरा स्टेंट भी लगाया जाना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
रिकवरी के बीच अचानक हुआ हादसा
डॉ. बलबीर सिंह ने आगे बताया कि हार्ट अटैक के काफी समय बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में कार्डियक रप्चर जैसी गंभीर जटिलताओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल की मांसपेशियां फट जाती हैं और इससे अचानक मौत हो सकती है। इलाज के बाद राणा की सेहत में काफी सुधार देखा जा रहा था और आज उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जानी थी और लेकिन दुर्भाग्यवश, सोते समय अचानक उन्हें कार्डियक रप्चर हुआ, जिसके कारण उनका निधन हो गया। उनके जाने से भारतीय शूटिंग के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।
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