पन्नू हत्या साजिश मामला: निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में जुर्म कबूला

निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की अदालत में गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का जुर्म कबूल कर लिया है। जानें पूरा मामला और संभावित सजा।

Feb 14, 2026 - 11:35
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पन्नू हत्या साजिश मामला: निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में जुर्म कबूला

भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की विफल साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, गुप्ता ने मैनहट्टन में मजिस्ट्रेट न्यायाधीश सारा नेटबर्न के समक्ष अपना अपराध कबूल किया। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आया था जब अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि न्यूयॉर्क की धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की योजना बनाई गई थी। गुरपतवंत सिंह पन्नू, जो सिख फॉर जस्टिस नामक संगठन का प्रमुख है, के पास अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है।

न्यायिक कार्यवाही और दोषसिद्धि का विवरण

मजिस्ट्रेट न्यायाधीश सारा नेटबर्न ने सिफारिश की है कि जिला न्यायाधीश मैरेरो इस याचिका को स्वीकार करें और मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च के लिए निर्धारित की गई है। निखिल गुप्ता को जून 2024 में चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था। इससे पहले, अपनी पहली पेशी के दौरान गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन अब उन्होंने औपचारिक रूप से अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह स्वीकारोक्ति मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो एक जटिल अंतरराष्ट्रीय साजिश के पर्दाफाश की पुष्टि करती है।

आरोपों की गंभीरता और संभावित सजा

न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी जे क्लेटन द्वारा जारी बयान के अनुसार, निखिल गुप्ता ने तीन मुख्य श्रेणियों में अपना जुर्म कबूला है। इनमें भाड़े पर हत्या करना, भाड़े पर हत्या करने की साजिश रचना और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है। कानूनी प्रावधानों के तहत, भाड़े पर हत्या और इसकी साजिश के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है। वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने के आरोप में अधिकतम 20 साल तक की जेल का प्रावधान है। इन सभी आरोपों में संलिप्तता स्वीकार करने के बाद अब अदालत सजा की अवधि पर विचार करेगी।

साजिश का क्रम और विकास यादव की भूमिका

अमेरिकी अभियोजकों द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, निखिल गुप्ता ने भारत और अन्य स्थानों पर मौजूद सहयोगियों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम देने की कोशिश की थी। इस मामले में सह-प्रतिवादी के रूप में विकास यादव का नाम भी शामिल है और दस्तावेजों के अनुसार, विकास यादव के निर्देश पर ही निखिल गुप्ता ने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया था जिसे वह अपराधी समझ रहा था। हालांकि, वह व्यक्ति वास्तव में अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के लिए काम करने वाला एक गोपनीय स्रोत था। इसी संपर्क के माध्यम से हत्या की साजिश को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई थी।

वित्तीय लेनदेन और अंडरकवर ऑपरेशन

अदालती दस्तावेजों में यह भी खुलासा हुआ है कि विकास यादव और निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक अंडरकवर ऑफिसर को USD 100,000 देने का सौदा किया था। 9 जून, 2023 के आसपास, इन दोनों ने अपने एक साथी के माध्यम से उस अंडरकवर ऑफिसर को अग्रिम भुगतान के रूप में USD 15,000 नकद पहुंचाने की व्यवस्था की थी। यह भुगतान मैनहट्टन में किया गया था, जिसे अमेरिकी एजेंसियों ने साक्ष्य के रूप में दर्ज किया। साजिश के तहत यह तय किया गया था कि हत्या को अंजाम देने के बाद शेष राशि का भुगतान किया जाएगा, लेकिन अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह योजना विफल हो गई।

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