पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा: केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस, जानें 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली नई दरें
1 जुलाई 2026 से भारत में पासपोर्ट बनवाना महंगा हो जाएगा। सामान्य 36 पेज के पासपोर्ट की फीस बढ़कर 2500 रुपये होगी। तत्काल और नाबालिगों के लिए भी नई दरें लागू।
भारत में पासपोर्ट बनवाना अब पहले के मुकाबले काफी महंगा होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियमों में बड़े बदलाव करते हुए इनकी फीस में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगी। सरकार ने पासपोर्ट नियम 1980 में आवश्यक संशोधन किए हैं जिसके तहत पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों की फीस बढ़ा दी गई है। इन संशोधित शुल्कों को गजट ऑफ इंडिया (Extraordinary) में अधिसूचित किया गया है और इन्हें नए Schedule IV में शामिल किया गया है और अब आवेदकों को सामान्य और तत्काल दोनों ही श्रेणियों के पासपोर्ट के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।
वयस्कों और 15-18 वर्ष के आवेदकों के लिए नई दरें
सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों के साथ-साथ 15 से 18 वर्ष के उन किशोरों के लिए जो वयस्क श्रेणी में आवेदन करते हैं फीस में बड़ा बदलाव किया गया है। 36 पेज के नए या दोबारा जारी होने वाले पासपोर्ट की स्टैंडर्ड फीस 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब आवेदकों को 1000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं अगर कोई तत्काल सेवा का लाभ उठाना चाहता है तो उसे 3500 रुपये की जगह अब 5000 रुपये का भुगतान करना होगा। इस श्रेणी में सीधे 1500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अक्सर विदेश यात्रा करने वाले लोगों के लिए 60 पेज का पासपोर्ट भी अब महंगा हो गया है। इसके लिए सामान्य आवेदन शुल्क 2000 रुपये से बढ़कर 3500 रुपये हो गया है जबकि तत्काल आवेदन के लिए 4000 रुपये की जगह 6000 रुपये देने होंगे।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के लिए शुल्क
पासपोर्ट खो जाने या खराब हो जाने की स्थिति में उसे दोबारा बनवाना भी अब काफी खर्चीला होगा। 36 पेज के खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट को दोबारा जारी करवाने के लिए सामान्य शुल्क 5000 रुपये निर्धारित किया गया है जबकि तत्काल श्रेणी में यह 7500 रुपये होगा। इसी तरह 60 पेज के पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 6000 रुपये और तत्काल शुल्क 8500 रुपये तय किया गया है। यह बढ़ी हुई दरें उन लोगों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ साबित हो सकती हैं जो अपने दस्तावेजों के रखरखाव में सावधानी नहीं बरतते हैं।
नाबालिगों और अन्य दस्तावेजों के लिए संशोधित शुल्क
18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों के लिए भी फीस संरचना में बदलाव किया गया है। 36 पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 1750 रुपये और तत्काल शुल्क 4250 रुपये होगा। यदि किसी नाबालिग का 36 पेज का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है तो उसे दोबारा बनवाने के लिए सामान्य श्रेणी में 4250 रुपये और तत्काल श्रेणी में 6750 रुपये देने होंगे। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की फीस भी बढ़ाई गई है। सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए अब 1000 रुपये का शुल्क लगेगा। पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम (GEP) वेरिफिकेशन और अन्य पासपोर्ट आधारित प्रमाणपत्रों के लिए अब 750 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
विदेशी आवेदन और वैधता के नियम
विदेशों से पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए फीस अमेरिकी डॉलर में तय की गई है। उदाहरण के तौर पर 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट के लिए 125 डॉलर और तत्काल सेवा के लिए 250 डॉलर का भुगतान करना होगा। पासपोर्ट की वैधता के नियमों की बात करें तो 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के लिए जारी सामान्य पासपोर्ट की वैधता 10 वर्ष बनी रहेगी। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए पासपोर्ट की वैधता 5 वर्ष या उनके 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) रहेगी। सरकार ने एक राहत यह दी है कि 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की शुल्क छूट मिलती रहेगी। हालांकि यह छूट केवल फ्रेश पासपोर्ट एप्लीकेशन पर ही लागू होगी और री-इश्यू पर इसका लाभ नहीं मिलेगा।
नागरिकता बहस और आवेदन की समय सीमा
पासपोर्ट फीस में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब देश में नागरिकता के प्रमाण को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हाल ही में सरकार ने स्पष्ट किया था कि भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है और इस स्पष्टीकरण के बाद जनता में इस बात को लेकर उलझन है कि यदि पासपोर्ट और आधार जैसे दस्तावेज भी नागरिकता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं तो फिर कौन से दस्तावेज मान्य होंगे। इस बीच विदेश मंत्रालय ने फीस बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो लोग पुराने रेट पर पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं उनके पास 30 जून 2026 तक का समय है क्योंकि 1 जुलाई 2026 से नई दरें अनिवार्य रूप से लागू हो जाएंगी।
What's Your Reaction?