पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा का जवाब, नए प्रोटोकॉल का होगा पालन

पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा ने सरकार से माफी मांगी और नए प्रोटोकॉल की घोषणा की। तकनीकी चर्चा के लिए ग्लोबल अधिकारी भारत आएंगे।

Jul 30, 2026 - 16:35
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पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा का जवाब, नए प्रोटोकॉल का होगा पालन

डिजिटल गवर्नेंस और सोशल मीडिया जवाबदेही के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो को अस्थायी रूप से हटाए जाने के मुद्दे पर भारत सरकार को अपना आधिकारिक जवाब सौंप दिया है। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी प्रमुख सोशल मीडिया साइट्स की मूल कंपनी मेटा ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वह अब प्रमुख व्यक्तियों के अकाउंट्स के लिए एक नए और सख्त प्रोटोकॉल का पालन करेगी। यह कदम तब उठाया गया है जब सरकार ने इस घटना के संबंध में कंपनी द्वारा दिए गए शुरुआती स्पष्टीकरण पर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की थी। जानकारी के अनुसार, मेटा के वैश्विक अधिकारी आने वाले कुछ दिनों में भारत का दौरा करेंगे और सरकार के साथ विभिन्न तकनीकी और नीतिगत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

पूरा मामला और मेटा की माफी

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश, जिसे पहले 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर साझा किया गया था और बाद में फेसबुक पर डाला गया था, मेटा द्वारा कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। इस वीडियो में प्रधानमंत्री देश के युवाओं को संबोधित कर रहे थे और उन्हें पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रहे थे। इतनी महत्वपूर्ण हस्ती के संदेश को हटाए जाने से सरकार के भीतर तत्काल चिंता पैदा हो गई। मेटा ने शुरुआत में इस स्थिति के लिए अपने स्वचालित एआई कंटेंट फिल्टर में आई एक तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि कंपनी ने इस गलती के लिए माफी मांगी और सामग्री को बहाल कर दिया, लेकिन आईटी मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त माना और मंगलवार को मेटा के एक अधिकारी को तलब किया।

प्रमुख हस्तियों के लिए नया प्रोटोकॉल

सरकार को दिए गए अपने जवाब में मेटा ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक नई रणनीति का खाका पेश किया है और कंपनी ने कहा है कि वह अब प्रमुख हस्तियों के अकाउंट्स के प्रबंधन के लिए एक अधिक कठोर प्रोटोकॉल लागू करेगी। इस नई व्यवस्था के तहत, प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों द्वारा पोस्ट की गई सामग्री पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, ऐसी सामग्री की समीक्षा कंपनी के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कई स्तरों पर की जाएगी, न कि केवल स्वचालित प्रणालियों पर निर्भर रहा जाएगा। मेटा ने जोर देकर कहा है कि अब वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से नामी लोगों के अकाउंट्स की निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी सामग्री गलती से न हटाई जाए। कंपनी ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया है और सरकार को आश्वासन दिया है कि आगे इस तरह की गलती नहीं होगी।

आगामी तकनीकी चर्चाएं

भारत सरकार और मेटा के बीच बातचीत और तेज होने वाली है क्योंकि कंपनी के वैश्विक अधिकारियों के जल्द ही भारत आने की उम्मीद है और ये अधिकारी सरकारी प्रतिनिधियों से मिलकर तकनीकी मुद्दों और नीतिगत ढांचे पर विस्तार से चर्चा करेंगे। सरकार मेटा से उसकी आंतरिक नीतियों और कंटेंट मॉडरेशन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीकी प्रणालियों दोनों पर व्यापक जवाब चाहती है। इस दौरे को देश में काम कर रहे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के संबंध में सरकार की चिंताओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नियामकीय रडार पर कंपनी

पिछले कुछ हफ्तों में मेटा कई नियामकीय मुद्दों को लेकर सरकार के रडार पर रही है। इस घटना से पहले, सरकार ने व्हाट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और पहचान की चोरी का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर भी कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। इन बार-बार होने वाले मुद्दों के कारण आईटी मंत्रालय की ओर से जांच का स्तर बढ़ गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय नियमों का पालन करें और सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाए रखें।

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