फ्लाईदुबई FZ1073: को-पायलट ने कैप्टन पर किया हमला, 174 यात्रियों की जान पर बनी
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट हमाम अल-हमामी द्वारा कैप्टन स्मित मछार पर किए गए हमले की पूरी जानकारी। जानें कैसे 174 यात्रियों की जान बची।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट के अंदर हुई एक हिंसक घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इस मामले की जांच अब 9 अलग-अलग देशों तक पहुंच गई है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 MAX 8 विमान में 174 लोग सवार थे, जिनकी जान एक सिरफिरे को-पायलट की हरकत की वजह से खतरे में पड़ गई। यह विमान 34000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी अचानक कॉकपिट के अंदर को-पायलट ने कैप्टन पर हमला बोल दिया।
कॉकपिट में हमला और 16000 फीट की गिरावट
घटना के वक्त विमान आसमान में स्थिर गति से उड़ रहा था, तभी ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले के दौरान विमान का नियंत्रण प्रभावित हुआ और देखते ही देखते विमान करीब 16000 फीट नीचे आ गया। इस अचानक आई गिरावट से विमान में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विमान से पहले सामान्य इमरजेंसी कोड 7700 भेजा गया और उसके तुरंत बाद कोड 7500 भेजा गया, जो विमान में किसी भी प्रकार के गैरकानूनी दखल या अपहरण की स्थिति का संकेत देता है।
कैप्टन की बहादुरी और सऊदी में इमरजेंसी लैंडिंग
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोलने में मदद की, जिसके बाद विमान के क्रू मेंबर्स और कुछ यात्रियों ने अंदर घुसकर हमलावर को-पायलट हमाम को काबू में किया। इसके बाद विमान को तुरंत सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सऊदी अधिकारियों ने यात्रियों और क्रू को हर संभव मदद पहुंचाई। बाद में दोनों पायलटों को अबू धाबी ले जाया गया, जहां से विस्तृत जांच शुरू हुई।
हमलावर हमाम का संदिग्ध बैकग्राउंड
जांच में हमाम अल-हमामी के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वह ओमान का नागरिक है और उसने ओमान एयर में करीब 7 साल तक काम किया था। हालांकि, 2024 में ओमान एयर में उसकी उड़ान ट्रेनिंग को रोक दिया गया था क्योंकि उसके चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई गई थीं। इसके बावजूद वह फ्लाईदुबई के साथ जुड़ने में कामयाब रहा। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा चिंताओं के बावजूद उसे विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली।
9 देशों तक फैली जांच की आंच
इस घटना के तार अब 9 देशों से जुड़ गए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- सीरिया: हमाम का जन्म यूएई में हुआ था, लेकिन उसकी मां सीरियाई थी। उसने सीरिया में काफी समय बिताया था, जहां उसके चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने का शक है।
- ओमान: हमाम ओमान का नागरिक है और वहां के विमानन क्षेत्र में उसका 7 साल का इतिहास रहा है, जिसकी अब बारीकी से जांच की जा रही है।
- यूएई: चूंकि विमान ने दुबई से उड़ान भरी थी, इसलिए यूएई ने इस हमले के पीछे की साजिश और आतंकी कनेक्शन की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है।
- भारत: विमान के कैप्टन स्मित मछार भारतीय नागरिक हैं। उनकी सूझबूझ और बहादुरी की वजह से ही 174 लोगों की जान बच सकी।
- इजराइल: विमान तेल अवीव जा रहा था और इसमें ज्यादातर यात्री इजराइली थे। इजराइली एजेंसियां इसे 9/11 जैसा हमला करने की कोशिश मानकर जांच कर रही हैं।
- फिलिस्तीन: हमाम के पास से फ्री फिलिस्तीन से जुड़े पर्चे और साहित्य मिलने की खबरें हैं, साथ ही उसके सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़े पोस्ट मिले हैं।
- सऊदी अरब: विमान की लैंडिंग तबुक में हुई थी, इसलिए सऊदी अरब की एजेंसियां भी इस मामले में साक्ष्य जुटा रही हैं।
- ईरान: इस घटना को लेकर ईरान की भूमिका पर भी अटकलें लगाई गईं, हालांकि अभी तक ईरान के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
- अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जब उनसे ईरान की भूमिका पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि अगर ईरान इसके पीछे हुआ तो वह बहुत बुरी तरह जवाबी कार्रवाई करेंगे।
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