बंगाल के सरकारी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, दुर्गा पूजा से पहले 20 प्रतिशत डीए का तोहफा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा से पहले 20 प्रतिशत अतिरिक्त डीए और अक्टूबर का वेतन जल्दी देने का ऐलान किया है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Jul 29, 2026 - 08:35
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पश्चिम बंगाल के हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महंगाई भत्ते को लेकर एक बड़ा अपडेट साझा किया है जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दुर्गा पूजा के पावन अवसर से पहले ही महंगाई भत्ता जारी कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और त्योहारों के समय उन्हें किसी भी प्रकार की वित्तीय समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अक्टूबर का वेतन और 20 प्रतिशत अतिरिक्त डीए का निर्देश

भवानी भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं और उन्होंने कहा कि मैंने वित्त सचिव और वित्त मंत्री से स्पष्ट रूप से कहा है कि अक्टूबर महीने का वेतन दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले ही जारी कर दिया जाए। आमतौर पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को महीने के अंतिम कार्य दिवस पर वेतन मिलता है लेकिन इस बार दुर्गा पूजा उत्सव को देखते हुए इसे अक्टूबर के मध्य से पहले ही देने का निर्णय लिया गया है और इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूजा वाले महीने में अतिरिक्त 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने का भी निर्देश दिया है। यह 20 प्रतिशत की अतिरिक्त राशि कर्मचारियों को त्योहार के खर्चों में बड़ी राहत प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में की गई घोषणा के अनुसार यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता अक्टूबर से प्रभावी माना जाएगा।

केंद्र और राज्य के डीए अंतर को पाटने का संकल्प

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते में मौजूद अंतर पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में केंद्र और राज्य के डीए के बीच 42 प्रतिशत का एक बड़ा अंतर है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह इस 42 प्रतिशत के अंतर को कम करने और अंततः इसे समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतना बड़ा अंतर रातोंरात खत्म नहीं किया जा सकता है और इसे पूरी तरह से पाटने में थोड़ा वक्त लग सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को भी उतना ही महंगाई भत्ता मिलेगा जितना केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जा रहा है।

सातवें वेतन आयोग और पुलिसकर्मियों का कल्याण

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सातवें वेतन आयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले गठित किए गए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को बेहतर वेतन संरचना का लाभ मिल सके। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पुलिस विभाग के कर्मचारियों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले आईपीएस रैंक से नीचे के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था जिसके कारण उन्हें पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा है। राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की तरह ही पुलिसकर्मी भी इस आर्थिक दबाव से गुजरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मुख्यालय में इस घोषणा का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सरकार हर स्तर के कर्मचारी के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

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