भारत का ब्रिक्स देशों में निर्यात धमाका: 34 प्रतिशत की भारी वृद्धि, चीन बना सबसे बड़ा खरीदार

अप्रैल-अगस्त 2026-27 में ब्रिक्स देशों को भारत का निर्यात 34 प्रतिशत बढ़कर 19 अरब 90 करोड़ डॉलर हुआ। चीन और दक्षिण अफ्रीका प्रमुख खरीदार रहे।

Sep 20, 2026 - 22:35
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भारत का ब्रिक्स देशों में निर्यात धमाका: 34 प्रतिशत की भारी वृद्धि, चीन बना सबसे बड़ा खरीदार

भारत का निर्यात प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुत तेजी से बढ़ रहा है और इसमें ब्रिक्स देशों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होकर उभरी है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान, चार मुख्य ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं को होने वाला भारत का निर्यात 34 फीसदी की भारी बढ़ोतरी के साथ 19 अरब 90 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह आंकड़ा 14 अरब 90 करोड़ डॉलर था। निर्यात में आई यह जबरदस्त तेजी भारत के व्यापार विस्तार के लिए ब्रिक्स समूह के बढ़ते महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

चीन और दक्षिण अफ्रीका निर्यात वृद्धि में सबसे आगे

प्रमुख ब्रिक्स देशों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चीन भारतीय सामानों का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में चीन को होने वाला भारतीय निर्यात 39 प्रतिशत बढ़कर 9 अरब 60 करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, प्रतिशत के लिहाज से सबसे तेज वृद्धि दक्षिण अफ्रीका के मामले में दर्ज की गई है, जहां होने वाला निर्यात इस अवधि में 58 प्रतिशत बढ़ा है। इसके अलावा, ब्राजील और रूस ने भी क्रमशः 13 प्रतिशत और 11 प्रतिशत की स्थिर दो अंकों की वृद्धि बनाए रखी है, जो इन बाजारों में भारतीय उत्पादों की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

ब्रिक्स समूह का विस्तार और नए भागीदार देश

मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिलकर बने ब्रिक्स समूह का दायरा अब काफी बढ़ चुका है। साल 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को इस समूह में शामिल किया गया था। इसके बाद साल 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का हिस्सा बना। पिछले साल कई अन्य देशों को ब्रिक्स के भागीदार देश के रूप में जोड़ा गया, जिनमें बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाइलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जैसे-जैसे भारत ब्रिक्स समूह के साथ अपनी भागीदारी गहरी कर रहा है, सबसे मजबूत रफ्तार इसके संस्थापक सदस्यों यानी चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस की ओर से देखने को मिल रही है।

जापान, इटली और दक्षिण कोरिया में भी निर्यात की धूम

ब्रिक्स देशों के अलावा अन्य प्रमुख वैश्विक बाजारों में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान जापान को भारत का निर्यात 43 प्रतिशत की भारी वृद्धि के साथ 3 अरब 43 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया है। इसी तरह, इटली को होने वाला निर्यात चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में 30 प्रतिशत बढ़कर 3 अरब 92 करोड़ डॉलर हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 3 अरब 2 करोड़ डॉलर था। दक्षिण कोरिया को होने वाले निर्यात में भी 22 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है और यह 3 अरब 21 करोड़ डॉलर रहा है।

कुल निर्यात में ब्रिक्स देशों की बढ़ती हिस्सेदारी

भारत के कुल निर्यात बास्केट में इन चार प्रमुख ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में भारत के कुल निर्यात में चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस की हिस्सेदारी बढ़कर 9 पॉइंट 2 प्रतिशत हो गई है। वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह हिस्सेदारी 8 पॉइंट 1 प्रतिशत थी। यह आंकड़े बताते हैं कि भारत न केवल अपने पारंपरिक बाजारों में पकड़ मजबूत कर रहा है, बल्कि ब्रिक्स जैसे रणनीतिक समूहों के माध्यम से अपने व्यापारिक हितों को भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है।

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