महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में घमासान: गौरव गोगोई की बड़ी मांग, कल होगी वोटिंग

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा जारी। गौरव गोगोई ने वर्तमान 543 सीटों पर आरक्षण की मांग की। कल होगी वोटिंग।

Apr 16, 2026 - 14:35
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महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में घमासान: गौरव गोगोई की बड़ी मांग, कल होगी वोटिंग

संसद के विशेष सत्र के दौरान मोदी सरकार देश की आधी आबादी को बड़ा तोहफा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार ने आज लोकसभा में तीन अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए हैं। इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन विधेयकों का मुख्य उद्देश्य 2023 में पारित किए गए महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह से क्रियान्वित (ऑपरेशनलाइज) करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन तीनों बिलों को आज लोकसभा के पटल पर रखा।

लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा का कार्यक्रम और वोटिंग

लोकसभा में इन विधेयकों पर विस्तृत चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 3 बजे इस विषय पर अपना संबोधन देंगे। 17 अप्रैल को लोकसभा में गहन चर्चा के पश्चात इन तीनों बिलों पर वोटिंग कराई जाएगी। इसके बाद, 18 अप्रैल को ये तीनों विधेयक राज्यसभा में पेश किए जाएंगे, जहां चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। राज्यसभा में भी 18 अप्रैल को ही चर्चा के बाद मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

विपक्ष का रुख और गौरव गोगोई की आपत्तियां

जहां मोदी सरकार ने इन बिलों को पारित कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है, वहीं विपक्ष ने भी अपना कड़ा रुख अख्तियार किया है। विपक्ष का स्पष्ट कहना है कि वे महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन वे इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़ने का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सदन में बोलते हुए सरकार पर राजनीतिक फायदे के लिए परिसीमन बिल लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति कर रही है और डिलिमिटेशन के लिए अलग-अलग पैमाने क्यों रखे जा रहे हैं। गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जाति जनगणना नहीं कराना चाहती।

वर्तमान सीटों पर आरक्षण की मांग

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा के दौरान मांग की कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ न जोड़ा जाए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसे सरल बनाया जाना चाहिए ताकि यह पारित होते ही लागू हो सके। गोगोई ने सुझाव दिया कि वर्तमान की 543 सीटों में ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कानून मंत्री के वक्तव्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 3 साल पहले गृह मंत्री ने भी ऐसी ही बातें की थीं और आज के भाषण का 90% हिस्सा वही पुराना है।

चर्चा में शामिल होने वाले प्रमुख नेता और मुख्य बिंदु

महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर आज कांग्रेस के 7 प्रमुख नेता लोकसभा में अपनी बात रखेंगे।

राहुल गांधी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर शुक्रवार को अपना पक्ष रखेंगे। दूसरी ओर, बीजेपी की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मोदी सरकार महिला अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने जनधन खातों और स्टार्टअप में महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख किया। मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के उस कथन को भी याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन महिला आरक्षण बिल अवश्य पास होगा।

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