राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, 1250 श्रीराम शिलाएं गायब

अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी और 1250 बहुमूल्य शिलाओं के गायब होने पर अखिलेश यादव और कांग्रेस ने उठाए सवाल। एसआईटी कर रही है जांच।

Jun 16, 2026 - 15:35
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राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, 1250 श्रीराम शिलाएं गायब

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी विवाद को लेकर एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को अयोध्या का महापाप और महाघोटाला करार देते हुए सवाल उठाया है कि इसके पीछे कौन सा सनातन विरोधी गिरोह काम कर रहा है और अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला अब केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह चंदे से होते हुए जमीन और अब अरबों रुपये की बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के गायब होने तक पहुंच गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आगे-आगे देखिए होता है क्या।

1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के गायब होने का दावा

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में एक वीडियो का संदर्भ दिया है जिसमें दावा किया गया है कि 1250 अत्यंत कीमती श्रीराम शिलाएं गायब हो चुकी हैं। ये शिलाएं साधारण पत्थर नहीं थे, बल्कि सोना, चांदी और रत्नों से जड़ित थे। बताया जा रहा है कि ये शिलाएं राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश और विदेश से, विशेषकर मॉरिशस जैसे देशों से श्रद्धापूर्वक भेजी गई थीं। अब इन कीमती शिलाओं का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है, जिसे लेकर सपा प्रमुख ने भाजपा के अनरजिस्टर्ड और अंडरग्राउंड साथियों की केवाईसी करवाने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

दान-पात्र में गबन और प्रबंधन में अनियमितता के आरोप

इस पूरे मामले में संतोष दूबे नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है। थाना रामजन्मभूमि में दी गई इस शिकायत में दान-पात्र में चढ़ावे के गबन का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत में दावा किया गया है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सोना, चांदी, आभूषण और नकद दान किया जाता है। आरोप है कि इस दान में आने वाली धनराशि और बहुमूल्य आभूषणों के प्रबंधन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं और इस शिकायत के बाद से मंदिर प्रशासन और दान प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

SIT की जांच और 40 लोगों से पूछताछ

राम मंदिर दान चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जो इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है। एसआईटी की टीम आज भी राम मंदिर परिसर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। जानकारी के अनुसार, कल करीब 40 से ज्यादा लोगों से इस संबंध में पूछताछ की गई है। जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विजय विश्वास पंत, आईपीएस अधिकारी एस किरण और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। अखिलेश यादव द्वारा राशि गायब होने के आरोप लगाए जाने के बाद से यह मामला काफी गरमा गया है और एसआईटी हर पहलू की जांच कर रही है।

कांग्रेस का हमला: संगठित लूट और हाई कोर्ट जज से जांच की मांग

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने चढ़ावे में चोरी को एक संगठित लूट करार दिया और कहा कि इसमें वे बड़े लोग शामिल हैं जिनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा की गई है। अजय राय ने एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसमें वे अधिकारी शामिल हैं जो महाकुंभ में भगदड़ के वक्त कमिश्नर थे और उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की हाई कोर्ट के जज से समयबद्ध जांच कराई जाए। वहीं, कांग्रेस नेता आराधना मिश्र ने कहा कि यह राम की आस्था के साथ खिलवाड़ है और 1250 कीमती श्रीराम शिलाओं का गायब होना एक गंभीर विषय है।

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