राहुल गांधी का 6 घंटे धरना: पैलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, छात्र साहिल को मिलेगा न्याय

राहुल गांधी के 6 घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्र साहिल के मामले में FIR दर्ज की। जानें क्या है पूरा मामला और राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए।

Aug 21, 2026 - 23:35
 0  0
राहुल गांधी का 6 घंटे धरना: पैलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, छात्र साहिल को मिलेगा न्याय

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लगभग 6 घंटे लंबे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने आखिरकार 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोहचब के मामले में FIR दर्ज कर ली है। हालांकि, पुलिस ने यह मामला अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया है। साहिल का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा चलाई गई पैलेट गन के छर्रे लगने से उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे संसद मार्ग थाने पहुंचे थे और FIR दर्ज होने तक वह थाने के बाहर ही डटे रहे। FIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वह पीड़ित छात्र के साथ थाने से बाहर निकले।

न्याय के लिए राहुल गांधी का कड़ा रुख

जब राहुल गांधी थाने पहुंचे और उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो उन्होंने पुलिस उपायुक्त (DCP) से मुलाकात की। इस बातचीत का कोई ठोस नतीजा न निकलने पर राहुल गांधी थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं होगी, वह वहां से नहीं हटेंगे और धरने के दौरान राहुल ने साहिल के शरीर से निकले छर्रे दिखाते हुए पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "ये छर्रे सबूत हैं, जो साहिल के शरीर से निकले हैं। " राहुल गांधी के इस विरोध प्रदर्शन में उनके साथ प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

ऊपर से रुकावट का आरोप और राष्ट्रीय चिंता

FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि न्याय की प्रक्रिया में ऊपर से रुकावटें डाली जा रही थीं। उन्होंने इसे न्याय की दिशा में केवल पहला कदम बताया और कहा कि इस युवक के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। राहुल ने देश की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जब देश की राजधानी दिल्ली में एक FIR दर्ज करवाने के लिए इतने घंटों तक धरना देना पड़ता है, तो देश के बाकी हिस्सों में छात्रों और बलात्कार पीड़ितों का क्या हाल होता होगा। उन्होंने इस घटना को व्यवस्था की विफलता के रूप में पेश किया।

कौन हैं साहिल लोहचब और क्या है पूरा मामला?

पैलेट गन का शिकार हुए साहिल लोहचब मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और उनके पिता दीपक पेशे से एक ड्राइवर हैं। साहिल का परिवार पिछले कई वर्षों से दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में निवास कर रहा है। साहिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ SSC-CGL और पुलिस भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। साहिल का आरोप है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स की ओर से पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था, जिसके छर्रे उनकी आंख में लगे और उनकी रोशनी चली गई।

भाजपा की प्रतिक्रिया और तीखे हमले

राहुल गांधी के इस धरने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने राहुल गांधी को "मीडियाजीवी" करार देते हुए कहा कि वह केवल प्रचार के लिए ऐसा कर रहे हैं। भाजपा महासचिव स्मृति ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया है और उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों पर भी हमला किया गया था, लेकिन राहुल गांधी ने घायल जवानों के पक्ष में एक शब्द भी नहीं बोला।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow