राहुल गांधी का बड़ा दावा: एक साल में पीएम नहीं रहेंगे नरेंद्र मोदी
दिल्ली में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की बैठक में राहुल गांधी ने पीएम मोदी के भविष्य पर बड़ा दावा किया और कार्यकर्ताओं को जनहित के मुद्दों पर सक्रिय होने को कहा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया। इस कार्यक्रम के दौरान जैसे ही राहुल गांधी ने मीटिंग रूम में प्रवेश किया, वहां मौजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था। " इस नारे और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच राहुल गांधी काफी देर तक मुस्कुराते रहे। यह बैठक अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें 9 राज्यों के जिला चेयरमैनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला और बड़ी भविष्यवाणी
अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि आप सभी इस बात को नोट कर लीजिए कि नरेंद्र मोदी अब एक साल से ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रहेंगे। राहुल गांधी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वह यह बयान पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ दे रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस बात को लिखकर रख लें। राहुल गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे निगाह नहीं मिला पाते हैं। उन्होंने हाल ही में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी पहले उनके पास आए लेकिन बिना आंख मिलाए आगे बढ़ गए। राहुल गांधी के अनुसार, बाद में उन्हें याद आया होगा कि राहुल पहले ही कह चुके हैं कि मोदी उनसे आंख नहीं मिला पाते, तब वह दोबारा लौटकर मिलने आए। उन्होंने मोदी को एक "कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम" करार दिया।
जनता के मुद्दों और अल्पसंख्यक समाज पर जोर
राहुल गांधी ने करीब 45 मिनट तक भाषण दिया और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और गरीबों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से जेन-जी यानी छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि कोटा में छात्रों की जो गूंज उठी है, उसे जन-जन तक ले जाने की जरूरत है। अल्पसंख्यक समाज के बारे में बात करते हुए राहुल गांधी ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि समाज के जिस भी तबके के साथ अन्याय हो रहा हो, उसे सिर्फ अल्पसंख्यक कहने के बजाय उसका नाम लेकर बोलें। उन्होंने कहा कि चाहे वह सिख हों, मुस्लिम हों, पारसी हों या जैन हों, उनके हक के लिए खुलकर बोलें और डरें नहीं।
पार्टी अनुशासन और कार्यकर्ताओं को सीधी शक्ति
राहुल गांधी ने कहा कि यह कांग्रेस का मूल सिद्धांत है कि वह समाज के हर उस तबके के साथ खड़ी हो जिसके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पार्टी ऐसा नहीं करती है तो कांग्रेस, कांग्रेस नहीं रह जाएगी क्योंकि देश का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है। 9 राज्यों के अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे इसी लाइन पर काम करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि अगर कांग्रेस का कोई जिलाध्यक्ष उनके काम में रोड़ा अटकाता है या सहयोग नहीं करता है, तो वे सीधे उनसे शिकायत करें और वह उस पर सख्त एक्शन लेंगे। बैठक के अंत में राहुल गांधी ने अपनी सादगी का परिचय दिया। जब कार्यकर्ताओं ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की मांग की, तो उन्होंने मंच पर बैठने के बजाय खुद कार्यकर्ताओं के बीच जाने का फैसला किया। इमरान प्रतापगढ़ी के अनुसार, राहुल गांधी ने 12 से 14 अलग-अलग जगहों पर जाकर कार्यकर्ताओं के साथ फोटो खिंचवाई।
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