राहुल गांधी का लोकसभा में प्रहार: OBC-दलित को हिंदू कहते हो, अधिकार नहीं देते

लोकसभा में राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान सरकार पर ओबीसी और दलितों के अधिकारों को लेकर तीखा हमला बोला और इसे चुनावी साजिश बताया।

Apr 17, 2026 - 16:35
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राहुल गांधी का लोकसभा में प्रहार: OBC-दलित को हिंदू कहते हो, अधिकार नहीं देते

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन समेत तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत अपनी बहन प्रियंका गांधी की उपलब्धि से की। " उन्होंने आगे कहा कि यह वास्तव में महिलाओं का बिल नहीं है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी (OBC) और दलितों को हिंदू तो कहती है, लेकिन उन्हें उनके वास्तविक अधिकार नहीं देती है। इस दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रियंका के बयान पर अमित जी को भी मुस्कुराते हुए देखा।

बचपन का किस्सा और दादी इंदिरा गांधी की सीख

राहुल गांधी ने सदन में अपने बचपन का एक व्यक्तिगत किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया, "मुझे याद है, जब मैं छोटा था, मुझे अंधेरे से बहुत डर लगता था। हमारे यहां एक बड़ा कुत्ता था, जो मुझ पर और बहन (प्रियंका) पर अटैक किया करता था। " उन्होंने बताया कि एक बार उनकी दादी (इंदिरा गांधी) को इसके बारे में पता चला। राहुल ने कहा कि वह यह सब सदन में इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इसके पीछे एक बड़ी सीख छिपी हुई है जो उन्हें उनकी दादी ने सिखाई थी।

राहुल ने आगे बताया कि जब उनके माता-पिता डिनर पर गए हुए थे, तब उनकी दादी, जिन्होंने पीले रंग की साड़ी पहनी थी, उन्हें उस गार्डन में ले गईं और वहां बंद कर दिया और राहुल ने कहा, "मैं तीन घंटे तक सोचता रहा। मैं डर रहा था और पैर कांप रहे थे। उन्होंने मुझसे पूछा तुम किससे डर रहे हो? मैंने कहा कि दादी मैं सांप, कुत्तों से और बहुत चीजों से डर रहा हूं। उन्होंने मुझसे आकर कहा कि तुम इन सब चीजों से नहीं बल्कि अपने दिमाग से डर रहे हो। तुम जो सोच रहे हो उस कल्पना से डर रहे हो और " राहुल ने कहा कि दादी ने सिखाया कि उस अंधकार से लड़ना पड़ता है, और यह एक राजनीतिक सबक था जिसका एहसास उन्हें आज हो रहा है।

महिला आरक्षण बिल और सामाजिक न्याय पर सवाल

राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को चुनावी नक्शा बदलने की एक कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि आज उन्हें सदन में सच बात कहनी है और पहली सच्चाई यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ‘संविधान से ज्यादा मनुवाद’ में विश्वास रखती है और अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार पर ओबीसी, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के साथ ‘क्रूर, बेरहम और निर्मम’ बर्ताव करने का आरोप लगाया।

चुनावी रणनीति और 'जादूगर' वाले बयान पर हंगामा

विपक्ष के नेता ने कहा कि मौजूदा प्रस्ताव महिला सशक्तिकरण बिल नहीं है। उनके अनुसार, 2023 में पास हुआ मूल महिला आरक्षण बिल ही असली कानून था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कदम का मकसद भारत का चुनावी नक्शा बदलना है और पिछले कानून को लागू करने में जानबूझकर सालों की देरी की गई और राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी, दोनों की ही पत्नियों से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दो संदेश देना चाहते हैं—पहला चुनावी नक्शा बदलना और दूसरा महिलाओं का पक्षधर दिखना। " इस शब्द के इस्तेमाल पर सदन में भारी हंगामा हुआ।

सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया और रक्षा मंत्री की निंदा

राहुल गांधी के भाषण के दौरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें टोकते हुए सवाल किया कि जब कांग्रेस ने 60 सालों तक शासन किया, तो विधायिकाओं में OBC आरक्षण क्यों नहीं दिया? रिजिजू ने आरोप लगाया कि राजीव गांधी ने OBC आरक्षण का विरोध किया था। राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि वह देश को भरोसा दिलाते हैं कि विपक्ष सरकार को ‘भारत संघ’ में उनके प्रतिनिधित्व को छूने भी नहीं देगा। उन्होंने इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि वे परिसीमन के खतरों को समझते थे और उन्होंने इसे नहीं होने दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयानों की कड़ी निंदा की और कहा कि उन्हें अपने बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए और सदन में बार-बार 'जादूगर' शब्द के इस्तेमाल पर स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को हिदायत दी और सांसदों से संसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। किरण रिजिजू ने राहुल के भाषण के कुछ हिस्सों को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की।

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