व्हाइट हाउस पर ड्रोन हमले की साजिश नाकाम, FBI ने किया बड़ा खुलासा
एफबीआई ने व्हाइट हाउस के पास यूएफसी इवेंट के दौरान ड्रोन हमले की साजिश को नाकाम किया। 5 लोग गिरफ्तार और 23 की पहचान की गई।
सी. में एक बड़ी सुरक्षा साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार, पिछले वीकेंड में व्हाइट हाउस के पास आयोजित एक यूएफसी (UFC) इवेंट के दौरान ड्रोन से हमले की एक खतरनाक योजना बनाई गई थी। सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के कारण इस साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया और इस मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा गलियारों में हड़कंप मच गया है क्योंकि इस आयोजन में देश की शीर्ष हस्तियां मौजूद थीं।
हाई-प्रोफाइल इवेंट और भारी भीड़
यह यूएफसी इवेंट रविवार को व्हाइट हाउस के लॉन में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य और कई विशेष अतिथि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे। कार्यक्रम को और अधिक व्यापक बनाने के लिए इसे पास के एक बड़े पार्क, जिसे साउथ पार्क के नाम से जाना जाता है, में विशाल स्क्रीन पर लाइव दिखाया गया था। इस लाइव स्क्रीनिंग को देखने के लिए साउथ पार्क इलाके में दसियों हजार लोगों की भारी भीड़ जमा हुई थी। साजिशकर्ताओं ने इसी भीड़ और आयोजन की संवेदनशीलता को अपना निशाना बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया था।
काश पटेल का खुलासा और सुरक्षा अभियान
एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की है। पटेल के अनुसार, 10 जून को एफबीआई और उसकी सहयोगी सुरक्षा एजेंसियों को इस इवेंट से जुड़ी एक संभावित और गंभीर धमकी के बारे में खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी। सी. के बाहर रहने वाले कुछ लोगों से जुड़े थे। इसके बाद एक व्यापक बहु-राज्यीय अभियान शुरू किया गया, जिसमें एफबीआई, न्याय विभाग (DOJ) और अन्य सुरक्षा साझेदारों ने मिलकर काम किया और इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और हमले की पूरी योजना को समय रहते ध्वस्त कर दिया गया।
हमले का खतरनाक प्लान और स्नाइपर टीम
अधिकारियों के हवाले से मिली रिपोर्टों में इस साजिश के बेहद खतरनाक पहलुओं का खुलासा हुआ है। कथित तौर पर साजिशकर्ताओं ने विस्फोटक लगे ड्रोन का उपयोग करके इवेंट के पास स्थित इमारतों को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी। इस हमले का मुख्य उद्देश्य वहां मौजूद हजारों लोगों के बीच भगदड़ मचाना और उन्हें उस स्थान से हटने के लिए मजबूर करना था। साजिश का सबसे डरावना हिस्सा यह था कि भीड़ को जानबूझकर एक ऐसे रास्ते की ओर धकेलने की योजना थी जहां पहले से ही एक स्नाइपर टीम तैनात की गई थी। इसके अतिरिक्त, हमलावरों ने एक 'दूसरी लहर' के तहत व्हाइट हाउस के मुख्य द्वारों पर हमला करने का भी प्लान बनाया था ताकि सुरक्षा घेरे को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
जांच की वर्तमान स्थिति और गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई में कम से कम 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कुल 23 लोगों की पहचान की है जो इस संभावित साजिश से जुड़े हो सकते हैं। काश पटेल ने इस सफल ऑपरेशन को एफबीआई की टीम की उत्कृष्ट जांच का परिणाम बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान खतरों का पता लगाना, उन पर त्वरित प्रतिक्रिया देना और दोषियों को कानून के दायरे में लाना एजेंसी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पटेल ने आश्वासन दिया कि इस मामले की गहन जांच अभी भी जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, एजेंसी आवश्यकतानुसार और जानकारी सार्वजनिक करती रहेगी।
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