सुनील भारती मित्तल: फ्रांस ने भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा
भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द लीजन ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया है। जानें इस सम्मान का महत्व और कारण।
भारतीय उद्योग जगत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण में, भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुनील भारती मित्तल को 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' (शेवेलिये दे ल' ऑर्द्र नासियोनाल दे ला लेजियों द ऑनर) प्रदान करने की घोषणा की है। यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों में मित्तल के अतुलनीय योगदान को रेखांकित करता है।
लीजन ऑफ ऑनर का ऐतिहासिक महत्व
फ्रांस का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'लेजियों द ऑनर' एक अत्यंत प्रतिष्ठित संस्थान है। इसकी स्थापना 1802 में नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा की गई थी। यह फ्रांसीसी गणराज्य का सबसे बड़ा सम्मान है, जो उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने फ्रांस के हितों या वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट कार्य किया हो। सुनील भारती मित्तल को इस श्रेणी में शामिल किया जाना उनके वैश्विक व्यावसायिक कद और फ्रांस के साथ उनके गहरे संबंधों का प्रमाण है।
सम्मान के पीछे के मुख्य कारण
भारती एंटरप्राइजेज द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सुनील भारती मित्तल को यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया है। इसके अतिरिक्त, टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों ने भी इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मित्तल ने न केवल भारत में संचार क्रांति का नेतृत्व किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया है।
तीन दशकों से अधिक की मित्रता
भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने इस अवसर पर सुनील भारती मित्तल की सराहना करते हुए कहा कि वे 1992 में एयरटेल के शुरुआती दिनों से ही फ्रांस के एक सच्चे मित्र रहे हैं। राजदूत ने उल्लेख किया कि मित्तल का फ्रांस के साथ जुड़ाव 30 साल से भी ज्यादा पुराना है। उन्होंने दशकों से इन संबंधों को लगातार मजबूत किया है और यह साबित किया है कि जब फ्रांस और भारत के कारोबारी एक साथ आते हैं, तो वे असाधारण परिणाम हासिल कर सकते हैं।
स्पेस और डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग
वर्तमान में सुनील भारती मित्तल यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में भारत और फ्रांस के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। राजदूत थियरी माथू के अनुसार, यह एक ऐसा समय है जब दोनों देश स्पेस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। यूटेलसैट के माध्यम से मित्तल की भूमिका सैटेलाइट संचार और वैश्विक कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तकनीकी तालमेल को और गहरा कर रही है।
दिल्ली में आयोजित होगा भव्य समारोह
सुनील भारती मित्तल को यह सम्मान 28 अक्टूबर 2026 को प्रदान किया जाएगा। इस विशेष सम्मान समारोह का आयोजन नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास में किया जाएगा। इस घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मित्तल ने फ्रांस गणराज्य के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है। यह समारोह भारत और फ्रांस के बीच कूटनीतिक और व्यावसायिक मित्रता का एक बड़ा प्रतीक बनेगा।
फ्रांसीसी कंपनियों के साथ पुराना जुड़ाव
अपने अनुभवों को साझा करते हुए सुनील भारती मित्तल ने बताया कि फ्रांस के साथ उनका व्यावसायिक सफर 1992 में शुरू हुआ था। उस समय कंपनी जनरल दे जो (कॉम्पैनी जेनेराल दे जो) ने भारत में मोबाइल टेलीकॉम सेवाएं शुरू करने के लिए भारती के साथ साझेदारी की थी। मित्तल ने कहा कि यह जुड़ाव आज भी अटूट है। वर्तमान में वे यूरोपीय सैटेलाइट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी यूटेलसैट के को-चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो फ्रांस के साथ उनके निरंतर सहयोग को दर्शाता है।
आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता
सुनील भारती मित्तल ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस सम्मान को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं और उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खुलेंगे।
वैश्विक सम्मानों की सूची में एक और उपलब्धि
सुनील भारती मित्तल को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। 2007 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। इसके बाद, साल 2024 में वे ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय द्वारा 'नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' (केबीई) से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय नागरिक बने। अब फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और मील का पत्थर है।
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