स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर प्रहार: उपचुनाव में बीजेपी की जीत पर बोलीं 'भीड़तंत्र को लोकतंत्र ने दिया जवाब'

स्मृति ईरानी ने उपचुनावों में बीजेपी की जीत पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कांग्रेस के 'भारतीय राज्य' विरोधी बयान और जेएनयू मामले पर राहुल गांधी की चुप्पी की कड़ी निंदा की।

Oct 9, 2026 - 18:35
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स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर प्रहार: उपचुनाव में बीजेपी की जीत पर बोलीं 'भीड़तंत्र को लोकतंत्र ने दिया जवाब'

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनावों के नतीजों के बाद नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। शुक्रवार को हुई मतगणना के बाद स्मृति ईरानी ने बीजेपी और एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर गहरी खुशी जाहिर की और सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि इन चुनावी नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि देश में लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हैं और जनता ने भीड़तंत्र को करारा जवाब दिया है और स्मृति ईरानी ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए यह गर्व का क्षण है कि पार्टी विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रही है।

विभिन्न राज्यों में बीजेपी का ऐतिहासिक प्रदर्शन

स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी रुझानों और परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पुडुचेरी में एनडीए के प्रतिनिधि की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में बीजेपी जीत की ओर मजबूती से बढ़ रही है, जो सुशासन के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने रेजीनगर सीट का विशेष उल्लेख किया, जहां लगभग 71 प्रतिशत मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। वहां बीजेपी की बढ़त को उन्होंने विकास और विश्वास की राजनीति की जीत बताया। असम के नगांव में भी वोटों की गिनती के रुझान बीजेपी की जीत का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने वहां के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।

भीड़तंत्र बनाम लोकतंत्र पर स्मृति ईरानी का बयान

स्मृति ईरानी ने अपने भाषण में 'भीड़तंत्र' और 'लोकतंत्र' के बीच के अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र ने एक बार फिर उन ताकतों को जवाब दिया है जो भीड़ के जरिए दबाव बनाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनावी जनादेश यह दर्शाता है कि जनता संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखती है। स्मृति ईरानी के अनुसार, बीजेपी की यह जीत केवल सीटों की संख्या नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए एक संदेश है जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं को चुनौती देते हैं और उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत सुशासन के वादे और जनता की सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है।

कांग्रेस अध्यक्ष के 'भारतीय राज्य' वाले बयान पर पलटवार

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और उन्होंने 15 जनवरी 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दिए गए एक बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि उनकी लड़ाई बीजेपी के खिलाफ नहीं बल्कि 'भारतीय राज्य' (Indian State) के खिलाफ है। स्मृति ईरानी ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में किसी भी राजनीतिक नेता ने पहले कभी इस तरह से देश और उसके लोगों पर हमले की बात नहीं कही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग संवैधानिक संस्थानों पर हमला करने की बात करते हैं, वे लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राज्य पर हमले की बात करना देश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक ढांचे का अपमान है।

जेएनयू मामले और राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के एक सांसद से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया जो जेएनयू में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि छात्राओं ने उन पर अंकों (मार्क्स) के संबंध में गंभीर आरोप लगाए थे और ये आरोप आंतरिक समिति (इंटरनल कमेटी) की जांच में सत्यापित भी हुए थे। स्मृति ईरानी ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि इतने गंभीर मामले के बावजूद राहुल गांधी ने इस पर एक शब्द भी नहीं बोला और उन्होंने कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष पर भी निशाना साधा कि उन्होंने आरोपी सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके साथ ही उन्होंने महिला पुलिस के साथ किए गए दुर्व्यवहार की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस से किसी कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि उनके लिए केवल नारे देना आसान है, लेकिन महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता में नहीं है।

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