अमित शाह की घुसपैठियों को चेतावनी: यह कोई धर्मशाला नहीं, यहां वही रहेगा जो यहां जन्मा है
अमित शाह ने कोल्हापुर में घुसपैठियों को चेतावनी दी कि भारत धर्मशाला नहीं है। उन्होंने पीएम मोदी के रिकॉर्ड और सांस्कृतिक विकास कार्यों की चर्चा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और उन्हें देश से बाहर निकालने का अपना संकल्प दोहराया और शाह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है जहां कोई भी बिना अनुमति के रह सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस देश में रहने का अधिकार केवल उन्हीं को है जो यहां जन्मे हैं। गृह मंत्री ने घोषणा की कि देश भर से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर निकाला जाएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को बाहर निकालने का कार्य पूरी दृढ़ता के साथ किया जाएगा।
विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे अब कांग्रेस की गोद में जा बैठे हैं और वे घुसपैठियों को अपना वोटबैंक बनाकर सत्ता में बने रहना चाहते हैं। शाह ने कहा, कान खोलकर सुन लो, यह कोई धर्मशाला नहीं है, यहां वही रहेगा, जो इस देश में जन्मा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता के आशीर्वाद से अब न केवल बंगाल की सीमाओं से घुसपैठ बंद होगी, बल्कि पूरे देश को सुरक्षित बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश में सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बताया कि इन 12 वर्षों के दौरान मोदी जी के नेतृत्व में सोमनाथ से लेकर गंगासागर तक और पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी तथा एनडीए का शासन फैलाने का ऐतिहासिक कार्य हुआ है। शाह ने उन दिनों को याद किया जब लोग सवाल करते थे कि क्या भाजपा देश के हर हिस्से तक पहुंच पाएगी, विशेषकर पश्चिम बंगाल में। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में बंगाल की जनता ने भाजपा को अपना भरपूर समर्थन और आशीर्वाद देकर इन शंकाओं को दूर कर दिया है।
देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर
सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने राम जन्मभूमि आंदोलन का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब अनुभवी नागरिक भी यह सोचते थे कि उनके जीवनकाल में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव नहीं हो पाएगा। लेकिन प्रभु राम की कृपा से 2014 में भाजपा की सरकार बनी और मोदी जी प्रधानमंत्री बने, जिसके परिणामस्वरूप आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर अपनी भगवा ध्वजा के साथ गर्व से खड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनर्निर्माण और सोमनाथ मंदिर को फिर से सोने का बनाने का कार्य इसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का हिस्सा है। इसके साथ ही मां कामख्या का कॉरिडोर और अब कोल्हापुर में मां अंबाबाई का कॉरिडोर बनाने का काम भी शुरू हो गया है। शाह ने कहा कि पूरा देश विकास भी-विरासत भी के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।
श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन
जनसभा से पहले शनिवार को अमित शाह ने कोल्हापुर के पवित्र शक्तिपीठ श्री अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर दर्शन के बाद उन्होंने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए लिखा कि देवी महालक्ष्मी की कृपा सभी देशवासियों पर हमेशा बनी रहे। उनका यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां उन्होंने विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर भी बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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