अमेरिका ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलें बेचने की दी मंजूरी: जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलें बेचने की मंजूरी दी है जिसकी कीमत करीब 19 हजार 133 करोड़ रुपये है, लेकिन डिलीवरी 2030 तक मिलेगी.

Oct 31, 2026 - 09:35
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अमेरिका ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलें बेचने की दी मंजूरी: जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें बेचने की मंजूरी दे दी है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इस सौदे की कीमत करीब 2 अरब 10 करोड़ डॉलर यानी लगभग 19 हजार 133 करोड़ रुपये है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यूक्रेन को रक्षा के लिए हथियार देने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा मामलों पर गहरी नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह सौदा रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच सामने आया है.

हालांकि, मंजूरी मिलने के बाद भी यूक्रेन को ये मिसाइलें जल्द नहीं मिलेंगी और हथियारों की बिक्री के बाद उनकी डिलीवरी में आमतौर पर कई साल लग जाते हैं. अमेरिकी फैसले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के मुताबिक, इन मिसाइलों का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है. इसलिए यूक्रेन को इनकी सप्लाई 2030 के शुरुआती वर्षों में ही हो पाएगी. इस देरी के पीछे विनिर्माण क्षमता और तकनीकी प्रक्रियाएं मुख्य कारण हैं.

मिसाइलों की सप्लाई में देरी से अमेरिका और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ा है. जेलेंस्की ने सोमवार को कहा था कि उनका देश करीब एक महीने से अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों और आम लोगों से जुड़ी जगहों पर हमले तेज कर दिए हैं. ऐसे में यूक्रेन को इन मिसाइलों की सख्त जरूरत है ताकि वह अपने रणनीतिक ठिकानों और नागरिकों की रक्षा कर सके.

इस बीच ट्रंप ने रूस के साथ डीजल डील की और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की आलोचना की. ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को तैयार नहीं है. अमेरिकी फैसले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, यूक्रेन का रक्षा मंत्रालय पेंटागन से मिसाइलों की डिलीवरी जल्द करने की मांग कर रहा है. इसके लिए अमेरिका अपने मौजूदा भंडार से यूक्रेन को मिसाइलें दे सकता है और बाद में नई मिसाइलें बदलकर अपना भंडार पूरा कर सकता है.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस सौदे के लिए कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे पैसे देंगे. इसके अलावा यूरोपीय संघ के यूक्रेन सपोर्ट लोन से मिलने वाले फंड का भी इस्तेमाल होगा और यह पैसा US JUMPSTART कार्यक्रम के जरिए दिया जाएगा. पेंटागन की वेबसाइट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में सहयोगी देश यूक्रेन को हथियार, सैन्य सेवाएं और ट्रेनिंग देने के लिए पैसे देते हैं. अगस्त में इसी कार्यक्रम से 82 करोड़ 50 लाख डॉलर खर्च कर 3 हजार 350 हवा से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलें खरीदी गई थीं. इन्हें जोन-5 टेक्नोलॉजीज और कोएस्पायर कंपनियों ने बनाया था.

इस सौदे के तहत पैट्रियट मिसाइलें बनाने की मुख्य जिम्मेदारी अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन की है. अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को बड़ी मात्रा में हथियार दिए हैं और साथ ही ईरान में अपने सैन्य अभियानों में भी इनका इस्तेमाल किया है. इससे हवाई हमलों को रोकने वाली मिसाइलों और सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों की कमी होने की चिंता बढ़ी है. जुलाई में अमेरिकी सेना ने लॉकहीड मार्टिन को 58 अरब 60 करोड़ डॉलर तक का ठेका दिया था. कंपनी के मुताबिक, इससे 2030 के अंत तक PAC-3 MSE मिसाइलों का उत्पादन तीन गुना किया जा सकेगा. अर्कांसस के कैमडेन प्लांट में कर्मचारियों की संख्या 1 हजार 200 से बढ़ाकर करीब 1 हजार 850 की जाएगी. कंपनी ने सालाना 2 हजार पैट्रियट PAC-3 मिसाइलें बनाने की योजना भी बताई है. पेंटागन के अधिकारी हथियार बनाने वाली कंपनियों पर प्रोडक्शन तेज करने का दबाव बना रहे हैं और इस साल की शुरुआत में मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए शुरुआती समझौते भी किए गए थे.

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