असम कांग्रेस संकट: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले दिया इस्तीफा

असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा दिया। टिकट वितरण और आंतरिक कलह बनी मुख्य वजह।

Mar 18, 2026 - 10:35
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असम कांग्रेस संकट: सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले दिया इस्तीफा

असम विधानसभा चुनाव के मतदान से महज 20 दिन पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को राज्य में एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और नागांव संसदीय क्षेत्र से मौजूदा लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। बोरदोलोई ने अपना आधिकारिक त्यागपत्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है। वह असम सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं।

इस्तीफे का आधिकारिक घटनाक्रम और पृष्ठभूमि

प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने संक्षिप्त इस्तीफे में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों को छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि वह बेहद भारी मन से यह निर्णय ले रहे हैं। गौरतलब है कि बोरदोलोई के बेटे प्रतीक वर्तमान में मार्गेरिटा विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, जहां 9 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर सांसद का इस्तीफा पार्टी के भीतर चल रही गहरी कलह को उजागर करता है।

टिकट वितरण और लाहौरीघाट सीट पर विवाद

सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई के इस्तीफे की मुख्य वजह विधानसभा टिकटों का वितरण और स्थानीय नेतृत्व के साथ मतभेद हैं। बोरदोलोई ने हाल ही में AICC प्रभारी जितेंद्र सिंह को एक पत्र लिखकर लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को दोबारा टिकट दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। बोरदोलोई का आरोप है कि नजर के एक करीबी सहयोगी ने अप्रैल 2025 में उन पर और अन्य नेताओं पर हमला किया था, जिसके संबंध में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर इस मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव

सांसद के इस्तीफे के तुरंत बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रद्युत बोरदोलोई को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का सार्वजनिक निमंत्रण दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा न केवल उनका स्वागत करेगी, बल्कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में एक सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने का अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों को और तेज कर दिया है।

कांग्रेस में संगठनात्मक चुनौतियां और अन्य इस्तीफे

बोरदोलोई का जाना कांग्रेस के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है, क्योंकि कुछ समय पहले ही असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी छोड़ दी थी। मंगलवार को ही बोरदोलोई के करीबी सहयोगी और वरिष्ठ नेता नवज्योति तालुकदार ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। तालुकदार गुवाहाटी सेंट्रल सीट से टिकट के दावेदार थे, लेकिन उम्मीदवार न बनाए जाने से वे नाराज थे। राज्य में बड़े नेताओं का लगातार पार्टी छोड़ना कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।

नेतृत्व द्वारा सुलह के प्रयास

इस्तीफे की खबर के बाद कांग्रेस आलाकमान सक्रिय हो गया है। वर्तमान स्थिति को संभालने के लिए प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और AICC प्रभारी जितेंद्र सिंह दिल्ली में प्रद्युत बोरदोलोई से मुलाकात कर रहे हैं और पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले इस संकट को टाला जा सके और बोरदोलोई को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाया जाए। फिलहाल, बोरदोलोई के अगले राजनीतिक कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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