'आई एम द बॉस'... जी-7 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप का दिखा दबदबा

पेरिस जी-7 बैठक में डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को बॉस बताया। उन्होंने रूस पर नए प्रतिबंधों और यूक्रेन को 1 अरब डॉलर की सहायता देने पर सहमति जताई।

Jun 17, 2026 - 17:35
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'आई एम द बॉस'... जी-7 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप का दिखा दबदबा

पेरिस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन बुधवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक में अपनी चिर-परिचित शैली में प्रवेश किया और वहां मौजूद विश्व नेताओं के सामने खुद को "बॉस" घोषित कर दिया। यह वाकया उस समय का है जब जी-7 देशों के नेता एक महत्वपूर्ण चर्चा के लिए पेरिस के एक आलीशान रिजॉर्ट में एकत्रित हुए थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप इस बैठक में सबसे अंत में पहुंचे थे। जब वह बैठक कक्ष के भीतर दाखिल हुए, तब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जैसे दिग्गज नेता पहले से ही अपनी सीटों पर मौजूद थे।

डोनाल्ड ट्रंप का "आई एम द बॉस" वाला बयान

जैसे ही डोनाल्ड ट्रंप कमरे में आए, उन्होंने वहां मौजूद सभी राष्ट्राध्यक्षों की ओर देखा और मजाकिया लेकिन आत्मविश्वास से भरे लहजे में कहा, "आई एम द बॉस" यानी "मैं ही बॉस हूं"। उनके इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे बढ़ते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पीठ भी थपथपाई, जो उनके और अन्य नेताओं के बीच के अनौपचारिक संबंधों को दर्शाता है और हालांकि यह टिप्पणी मजाकिया अंदाज में की गई थी, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे अमेरिका के बढ़ते प्रभाव और ट्रंप के नेतृत्व के दावे के रूप में देखा जा रहा है।

यूक्रेन के लिए बड़ी सहायता और रूस पर प्रतिबंध

जी-7 देशों को इस समय अमेरिका के सक्रिय सहयोग की सख्त जरूरत है। एक तरफ जहां यूरोपीय देश रूस की आक्रामकता से चिंतित हैं, वहीं जापान जैसे देश चीन के बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं। इस बैठक के दौरान सदस्य देशों ने रूस पर नए सिरे से कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है और इसके अलावा, अमेरिका ने यूक्रेन को 1 अरब डॉलर की भारी सहायता राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की है। साथ ही, एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत यूक्रेन को अब खुद के हथियार बनाने की अनुमति भी दी जाएगी, जिससे वह अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर सकेगा।

बैठक में शामिल प्रमुख नेता और कूटनीतिक समीकरण

पेरिस में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में दुनिया के कई प्रभावशाली नेता शामिल हुए। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मन चांसलर मर्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और जापान की प्रधानमंत्री सना तकाएची मौजूद रहीं। इसके अलावा, विशेष आमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, यूएई के राष्ट्रपति अल नाहयान, कतर के अमीर थानी और मिस्र के राष्ट्रपति अल सीसी ने भी शिरकत की।

बैठक की पृष्ठभूमि में मंगलवार 16 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ एक गुप्त बैठक भी की थी। इस गोपनीय चर्चा में युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित समझौतों पर बात की गई। जी-7 देशों का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना है, और यूरोप चाहता है कि रूस के साथ कोई भी शांति समझौता यूक्रेन की शर्तों पर ही हो। ईरान में शांति समझौते के बाद अब अमेरिका की पूरी नजर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे इस संघर्ष पर टिकी है।

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