इजराइल का लेबनान के 900 साल पुराने किले पर कब्जा: सैनिकों ने पहाड़ी पर झंडा फहराया

इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 900 साल पुराने ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है, जिसे पिछले 26 वर्षों की सबसे बड़ी घुसपैठ माना जा रहा है।

May 31, 2026 - 17:35
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इजराइल का लेबनान के 900 साल पुराने किले पर कब्जा: सैनिकों ने पहाड़ी पर झंडा फहराया

इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में स्थित 900 साल पुराने ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले और उसके आसपास की रणनीतिक पहाड़ियों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इजराइली अधिकारियों द्वारा रविवार को साझा की गई तस्वीरों और वीडियो में इस प्राचीन किले की चोटी पर इजराइली झंडे लहराते हुए देखे गए हैं। यह घटनाक्रम क्षेत्र में चल रहे सैन्य संघर्ष में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है और इसे एक महत्वपूर्ण सामरिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सैन्य सफलता और रणनीतिक महत्व

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस अभियान की सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि सेना ने आसपास के गांवों में कई दिनों तक चली भीषण जमीनी लड़ाई और हवाई हमलों के बाद यह कामयाबी हासिल की है और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले 26 साल में लेबनान के भीतर इजराइल की सबसे बड़ी सैन्य घुसपैठ है। ब्यूफोर्ट किला 700 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसके कारण इसका सैन्य महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। इस ऊंचाई से न केवल दक्षिणी लेबनान के एक बड़े हिस्से पर नजर रखी जा सकती है, बल्कि इजराइल के भी कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी संभव है।

ऐतिहासिक रूप से, यह किला 1982 से 2000 तक दक्षिणी लेबनान पर इजराइली कब्जे के दौरान उनकी सेना का एक प्रमुख सैन्य अड्डा रहा था। इजराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल को युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद इजराइली सेना के हमले और सैन्य गतिविधियां जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल किसी भी संभावित अमेरिका-ईरान समझौते से पहले हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमताओं को अधिकतम नुकसान पहुंचाना चाहता है ताकि भविष्य में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े वैश्विक अपडेट्स

  • अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट ने रविवार को ईरानी हवाई सीमा का उल्लंघन करने वाले एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया है।
  • ट्रम्प की उच्च स्तरीय बैठक: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगभग 2 घंटे तक गहन चर्चा की। हालांकि, इस बैठक के बाद भी ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका।
  • अमेरिकी रक्षा मंत्री की कड़ी चेतावनी: अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को या तो प्रस्तावित समझौता स्वीकार करना होगा या फिर सैन्य बल के उपयोग का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
  • अमेरिका पर कूटनीतिक धोखे का आरोप: ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रजाई ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक तरफ बातचीत कर रहा है और दूसरी तरफ समुद्री नाकाबंदी जारी रखकर इस प्रक्रिया के साथ धोखा कर रहा है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग: ओमान की ओर से जानकारी दी गई है कि होर्मुज स्ट्रेट में एक संदिग्ध तैरती हुई समुद्री बारूदी सुरंग (फ्लोटिंग माइन) देखी गई है। इसके बाद वहां से गुजरने वाले जहाजों और स्थानीय मछुआरों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है।

ब्यूफोर्ट किले का गौरवशाली और संघर्षपूर्ण इतिहास

ब्यूफोर्ट कैसल दक्षिणी लेबनान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। यह 700 मीटर ऊंची एक खड़ी पहाड़ी पर बना है, जहां से आसपास के विशाल भूभाग पर नियंत्रण रखा जा सकता है। इसी रणनीतिक स्थिति के कारण सदियों से यह किला विभिन्न सेनाओं के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। इस किले का निर्माण 12वीं शताब्दी में क्रूसेडर्स (ईसाई योद्धाओं) द्वारा किया गया था। उस समय इसे बेल फोर्ट यानी सुंदर किला कहा जाता था, जो बाद में बदलकर ब्यूफोर्ट हो गया।

वर्ष 1190 में महान मुस्लिम शासक सलाउद्दीन अय्यूबी ने क्रूसेडर्स को हराकर इस किले पर अपना अधिकार कर लिया था। आधुनिक इतिहास में भी यह किला युद्धों का गवाह रहा है। 1982 में जब इजराइल ने लेबनान पर हमला किया था, तब इस किले के पास भीषण युद्ध हुआ था। इसके बाद कई वर्षों तक यह इजराइली सेना के नियंत्रण में रहा। अंततः वर्ष 2000 में जब इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे हटी, तब यह किला दोबारा लेबनान के पास आया था, जो अब एक बार फिर इजराइली नियंत्रण में है।

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