कच्चे तेल में 56 डॉलर की भारी गिरावट: क्या अब भारत में सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?

कच्चे तेल की कीमतों में 56 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। जानें अमेरिका-ईरान वार्ता और रिकॉर्ड उत्पादन का भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर होगा।

Jul 2, 2026 - 09:35
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कच्चे तेल में 56 डॉलर की भारी गिरावट: क्या अब भारत में सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल?

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार से एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है जहां पिछले दो महीनों के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में 56 डॉलर प्रति बैरल तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान समय में अमेरिका और ईरान शांति स्थापित करने के उद्देश्य से एक मेज पर चर्चा कर रहे हैं जिसके सकारात्मक परिणाम बाजार में देखने को मिल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने के रूप में आया है जिससे तेल की आपूर्ति में आने वाली बाधाएं दूर हो गई हैं। हालांकि क्षेत्र में तनाव की संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं लेकिन बाजार में एक सकारात्मक धारणा बनी हुई है। यही मुख्य कारण है कि खाड़ी और अमेरिकी कच्चे तेल के दाम अब युद्ध पूर्व के स्तर पर वापस आ गए हैं। विशेष रूप से खाड़ी देशों का कच्चा तेल अपने दो महीने के उच्चतम स्तर से लगभग 45 प्रतिशत तक सस्ता हो चुका है।

उच्चतम स्तर से कीमतों में भारी गिरावट

अगर हम दो महीने पहले की स्थिति पर नजर डालें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने चरम पर थीं। उस दौरान खाड़ी देशों का कच्चा तेल यानी ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर 41 सेंट प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी कच्चे तेल के दाम भी 117 डॉलर 63 सेंट प्रति बैरल के स्तर को छू रहे थे। उस समय मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर था और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी था। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण कच्चे तेल का कोई भी शिपमेंट वहां से नहीं गुजर पा रहा था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत 30 अप्रैल को 126 डॉलर 41 सेंट के अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर से गिरकर गुरुवार को 70 डॉलर 13 सेंट प्रति बैरल पर आ गई है। इसका अर्थ है कि इसमें 56 डॉलर 28 सेंट प्रति बैरल की बड़ी कमी आई है।

आपूर्ति में सुधार और अमेरिकी उत्पादन के रिकॉर्ड

अमेरिकी क्रूड की कीमतों में भी अपने उच्चतम स्तर से 40 प्रतिशत से अधिक की कमी देखी गई है। 7 अप्रैल को अमेरिकी क्रूड के दाम 117 डॉलर 63 सेंट प्रति बैरल पर थे जो अब गिरकर 67 डॉलर 72 सेंट प्रति बैरल पर आ गए हैं। इस प्रकार अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत में 49 डॉलर 91 सेंट प्रति बैरल की गिरावट हुई है। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत शुरुआती चरण में होने के बावजूद सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है जिससे खाड़ी से होने वाले निर्यात में रुकावट का डर कम हुआ है। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का शिपमेंट 10 मिलियन बैरल प्रति दिन से ऊपर पहुंच गया है। साथ ही अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन रिकॉर्ड 13 मिलियन 93 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया है जिससे वैश्विक स्तर पर भरपूर आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।

भारत में ईंधन की कीमतों की वर्तमान स्थिति

भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में पिछले 38 दिनों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 25 मई को कीमतों में बदलाव देखा गया था। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे और डीजल 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113 रुपये 51 पैसे और डीजल 99 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल के दाम 111 रुपये 21 पैसे और डीजल 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर हैं जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर के स्तर पर है। निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती करके आम जनता को राहत दी है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक कीमतों में कोई कमी नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों के चरम पर होने के दौरान हुए नुकसान की भरपाई कर रही हैं और उसके बाद ही आम जनता को सस्ते तेल का लाभ मिल पाएगा।

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