उज्जैन नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह से भगदड़, 13 श्रद्धालु घायल
उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 13 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों में एमपी, गुजरात और बिहार के लोग शामिल हैं।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। मंदिर में दर्शन के लिए लगी लंबी कतारों के बीच अचानक करंट फैलने की अफवाह उड़ गई, जिसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में कई श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और यह घटना उस समय हुई जब हजारों की संख्या में भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। महाकाल मंदिर के ठीक ऊपर स्थित इस मंदिर में सावन के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है।
अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप स्थित बैरिकेडिंग क्षेत्र में हुई। वहां लगे एक बिजली के डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पिलर) के पास करंट फैलने की खबर तेजी से फैली। इस अफवाह ने कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच डर पैदा कर दिया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी आपाधापी में कई लोग नीचे गिर गए और बैरिकेड्स से टकरा गए। मौके पर मौजूद पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। करंट की इस अफवाह ने दर्शन व्यवस्था को कुछ समय के लिए पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था।
घायलों की सूची और उनकी स्थिति
इस भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं को तत्काल चरक अस्पताल और जिला अस्पताल ले जाया गया। घायलों में उज्जैन के स्थानीय निवासी हिंदू बाई, सागर और लक्ष्मीबाई शामिल हैं। ग्वालियर से आए श्रद्धालुओं में सोनम और खुशी नाम की दो युवतियां घायल हुई हैं। मध्य प्रदेश के ही गंजबासौदा से दर्शन करने पहुंचीं अनसूया और उनकी मां ममता भी इस हादसे की चपेट में आ गईं। इन सभी का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है।
हादसे में अन्य राज्यों के श्रद्धालु भी चोटिल हुए हैं। गुजरात के वापी के रहने वाले हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है, क्योंकि भगदड़ के दौरान वह लोहे के बैरिकेड्स से टकरा गए थे। गुजरात के ही वलसाड की रहने वाली तुलसी और उनकी मां रेखा बाई भी घायलों में शामिल हैं। इसके अलावा, बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले सुजीत को भी चोटें आई हैं। कुल मिलाकर लगभग 13 श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। प्रशासन घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
दो अलग-अलग स्थानों पर बिगड़े हालात
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह दो अलग-अलग स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी। पहली घटना नीलकंठ द्वार पर हुई जहां करंट की अफवाह ने भगदड़ जैसे हालात पैदा किए। वहीं दूसरी ओर, हरसिद्धि मंदिर के सामने वाले बैरिकेडिंग क्षेत्र में भीड़ का दबाव इतना अधिक बढ़ गया कि कई श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हो गई और वे बेहोश होने लगे। सुरक्षाकर्मियों और परिजनों की मदद से इन सभी को अस्पताल पहुंचाया गया और फिलहाल, प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दर्शन व्यवस्था को फिर से सुचारू कर दिया गया है। पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो और श्रद्धालु सुरक्षित दर्शन कर सकें।
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