चुनाव आयोग ने किया राहुल गांधी के दावे का फैक्ट चेक, किस बयान को बताया गुमराह करने वाला?
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों को गुमराह करने वाला बताया है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया है।
देश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब भारत निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए दावों पर अपना फैक्ट चेक जारी किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले कुछ समय से स्पेशल इंस्टीट्यूशनल रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार हमलावर रहे हैं। हालांकि, अब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावे न केवल गलत हैं, बल्कि जनता को गुमराह करने वाले भी हैं। आयोग ने इस मामले में कानूनी तथ्यों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
राहुल गांधी के आरोप और विवाद की पृष्ठभूमि
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से SIR की प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। सोमवार को उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से दावा किया कि यह बात अब बिना किसी संदेह के साबित हो चुकी है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर-कानूनी और एकतरफा तरीके से फॉर्म 6 में बदलाव किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहायता करने के लिए अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग किया है और उन्होंने इसे लोकतंत्र पर एक आपराधिक हमला करार देते हुए कहा कि इसमें शामिल हर व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा। अपने इस दावे के समर्थन में उन्होंने चुनाव आयोग की एक प्रेस विज्ञप्ति भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने तीसरे बिंदु को विशेष रूप से रेखांकित किया था।
चुनाव आयोग का बिंदुवार फैक्ट चेक
राहुल गांधी के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने तथ्यों को सामने रखा है। आयोग ने कहा है कि राहुल गांधी की पोस्ट में दिया गया बयान पूरी तरह से गुमराह करने वाला है। आयोग ने दो मुख्य बिंदुओं के माध्यम से अपनी बात रखी। पहला यह कि बिहार में SIR के लिए 24 जून 2025 को जो आदेश जारी किया गया था, वह आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिया गया फैसला था। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में इस आदेश को पूरी तरह से सही और वैध ठहराया है। दूसरा बिंदु यह है कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 के अपने प्रेस नोट नंबर 120 के पॉइंट 1(iii) में स्पष्ट किया है कि SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ जो घोषणा-पत्र लगाया गया है, उसे सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मान्यता दी है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि नॉन-SIR अवधि के लिए मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के अनुसार ही फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
कानूनी लड़ाई और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा यह विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और इस पर अगले हफ्ते सुनवाई होनी तय है। वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक गलियारों में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पिछले 4 दिनों से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NSUI और कई अन्य संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के साथ समझौता किया जा रहा है, जबकि आयोग इन आरोपों को निराधार बता रहा है।
कांग्रेस की आगामी रणनीति और सेव डेमोक्रेसी मार्च
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपनी भविष्य की रणनीति तैयार कर ली है। दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें देशव्यापी आंदोलन का खाका खींचा गया। कांग्रेस ने देशभर में सेव डेमोक्रेसी मार्च निकालने का निर्णय लिया है। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्राएं करेंगे। इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य उन मतदाताओं का डेटा इकट्ठा करना है जिनके नाम SIR प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर काट दिए गए हैं। इस आंदोलन का समापन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली के साथ होगा, जिसमें इंडिया गठबंधन के अन्य बड़े नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, 25 और 26 नवंबर को दिल्ली के 6 अलग-अलग स्थानों से यात्राएं निकाली जाएंगी। कांग्रेस कल संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक भी एक विरोध मार्च निकालने की तैयारी में है।
Fact Check ❌The statement made in this post is misleading ✅1) The order for SIR in Bihar issued on 24 June 2025 was issued with the unanimous approval of the Commission. This order has been upheld by the Hon'ble Supreme Court of India in its judgment dated 27 May 2026 ✅2) In its Press Note No. 120 dated 26 September 2026, in Point 1(iii), ECI has stated that, "The declaration attached to Form 6 for SIR has been upheld by the Hon'ble Supreme Court." #ECIFactCheck— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 5, 2026
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