चलो दिल्ली: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट मार्च, राहुल और अखिलेश होंगे शामिल

विपक्षी गठबंधन 'INDIA' आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। राहुल गांधी और अखिलेश यादव सहित कई दिग्गज नेता इसमें शामिल होंगे।

Oct 12, 2026 - 10:35
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चलो दिल्ली: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट मार्च, राहुल और अखिलेश होंगे शामिल

विपक्षी दलों का गठबंधन 'INDIA' आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है। 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विपक्षी नेता आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। इस 'चलो दिल्ली' अभियान का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाना है।

विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन और प्रमुख चेहरे

इस विरोध मार्च में विपक्षी एकता की एक बड़ी तस्वीर देखने को मिलेगी। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के साथ इस मार्च में कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे और उनके अलावा, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) से सुप्रिया सुले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से डी राजा, सीपीएम से एमए बेबी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस मार्च का हिस्सा बनेंगी। विपक्षी नेताओं का यह जमावड़ा केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

सीजेआई सूर्यकांत का रुख और मुलाकात पर जवाब

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को पत्र लिखकर आज शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। वे एक ज्ञापन सौंपकर 'वोट चोरी' को रोकने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को रोकने और फिर से पेपर बैलेट सिस्टम अपनाने की मांग करना चाहते थे। हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत ने प्रशासनिक पक्ष पर मुलाकात करने से इनकार कर दिया है और उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। सीजेआई ने सुझाव दिया कि यदि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट 24x7 खुला है, लेकिन इस मामले में न्यायिक पक्ष पर याचिका दायर की जानी चाहिए, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

मेट्रो सेवाओं पर असर और सुरक्षा व्यवस्था

विपक्ष के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कड़े कदम उठाए हैं। सुरक्षा कारणों से आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली के 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रहेगा। ये स्टेशन हैं:

  • पटेल चौक
  • जनपथ
  • राजीव चौक
  • मंडी हाउस
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • बाराखंभा रोड
हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए दिल्ली पुलिस ने लगभग 32000 पुलिसकर्मी और 7500 सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया है।

राहुल गांधी का भाजपा पर तीखा हमला

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मार्च को 'लोकतंत्र के लिए मार्च' करार दिया है और उन्होंने कहा कि यह मार्च उन भारतीयों द्वारा निकाला जा रहा है जो पार्टी, लिंग, जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकजुट हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पुलिस और भाजपा के गुंडों ने पीटा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, अजीत डोभाल और मोहन भागवत का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने जनता से 'डरो मत' का आह्वान करते हुए कहा कि आज पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।

मल्लिकार्जुन खरगे के आरोप और अघोषित आपातकाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने पूरे देश में अराजकता फैला दी है और एक अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है। खरगे ने भारी पुलिस बल की तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि 32000 पुलिसकर्मियों और 7500 सीआरपीएफ जवानों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार युवाओं के आंदोलन से कितनी डरी हुई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और SIR विवाद

विपक्ष का यह आक्रामक रुख 'द इंडियन एक्सप्रेस' की उस रिपोर्ट के बाद और तेज हुआ है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों का दावा किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसमें मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) पर जताई गई आपत्ति भी शामिल है। इसी विवाद को लेकर 'INDIA' गठबंधन ने एक संयुक्त कार्य योजना तैयार की है, जिसके तहत आज का यह मार्च निकाला जा रहा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने भी सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

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