'छात्रों के साथ अन्याय हुआ', GenZ के मुद्दे पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

राहुल गांधी ने GenZ के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा प्रणाली की विफलताओं पर सवाल उठाए।

Aug 5, 2026 - 19:35
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'छात्रों के साथ अन्याय हुआ', GenZ के मुद्दे पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर GenZ यानी आज की युवा पीढ़ी के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश के छात्रों के साथ घोर अन्याय हुआ है और उन्होंने युवाओं का पक्ष लेते हुए कहा कि इन युवाओं ने कुछ भी गलत नहीं किया है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने के लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब युवा अपनी मांगों को लेकर मुखर हो रहे हैं।

अन्याय और पुलिसिया कार्रवाई के आरोप

बुधवार को GenZ के मुद्दों पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ व्यवस्था ने न्याय नहीं किया है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शनकारी छात्र हिंसा नहीं कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया गया। राहुल गांधी के अनुसार, युवाओं ने कोई गलत कदम नहीं उठाया था, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने के लिए उनके घरों पर गुंडे भेजे गए। गांधी ने इसे लोकतंत्र के लिए लड़ने वाले युवाओं के खिलाफ एक दमनकारी कदम बताया।

जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस

जब राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो उनके साथ कुछ ऐसे युवा भी मौजूद थे जिन्होंने जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। राहुल गांधी ने इन युवाओं की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखना उनकी बहादुरी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इन युवा प्रदर्शनकारियों से विस्तार से बात की है। बातचीत के दौरान युवाओं ने उन्हें बताया कि किस तरह उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें पीटा गया और लगातार धमकियां दी गईं। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इन युवाओं पर और इनके जैसे हजारों अन्य भारतीय युवाओं पर बहुत गर्व है।

संविधान और भारत के भविष्य की रक्षा

राहुल गांधी ने युवाओं के संघर्ष को बड़े परिप्रेक्ष्य में देखते हुए कहा कि इन युवाओं ने केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी है और उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने भारत के विचार की रक्षा की है और देश के भविष्य को सुरक्षित करने का काम किया है। उनके अनुसार, शिक्षा प्रणाली के बारे में शिकायत करना कोई अपराध नहीं है। भले ही वह सिस्टम खराब हो चुका हो, ढह रहा हो या पूरी तरह से बेकार हो गया हो, उसके खिलाफ आवाज उठाना युवाओं का अधिकार है।

शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक का मुद्दा

शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि असल में इस सिस्टम को पूरी तरह से बदलने और ठीक करने की जरूरत है, और युवा बस यही मांग कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र हिंसा नहीं कर रहे थे और न ही आक्रामक थे, तो फिर उन पर हमला क्यों किया गया और उन्हें क्यों धमकाया गया? उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 15 साल की एक बच्ची पर दबाव डालना, उसके घर गुंडे भेजना और उससे जबरदस्ती माफी मंगवाना और फिर उस माफी को स्वीकार कर लेना पूरी तरह से बेतुका और हास्यास्पद है।

देश के भविष्य का सम्मान और सुरक्षा

राहुल गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हम इस मौजूदा स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार करते हैं। उन्होंने मांग की कि देश को एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है जो सही ढंग से काम करे और उन्होंने विशेष रूप से परीक्षा के पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने की मांग की ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य का सम्मान होना चाहिए और उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। हालांकि, इस दौरान जब मीडिया ने उनसे घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में सवाल पूछा, तो राहुल गांधी उस सवाल का जवाब देने से बचते नजर आए।

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