टीएमसी नेता जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार, विदेश भागने की फिराक में था फालता का उम्मीदवार

टीएमसी नेता जहांगीर खान को एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। फालता से उम्मीदवार रहे जहांगीर पर ईवीएम धांधली और मतदाताओं को धमकाने का आरोप है।

Jun 8, 2026 - 12:35
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टीएमसी नेता जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार, विदेश भागने की फिराक में था फालता का उम्मीदवार

राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कद्दावर नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। जहांगीर खान, जो फालता विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के उम्मीदवार थे, बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहे थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें आज सुबह उस समय पकड़ा गया जब वे नेपाल के रास्ते किसी दूसरे देश भागने की योजना बना रहे थे।

चुनावी नतीजों के बाद से थे फरार

जहांगीर खान काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। बंगाल में 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही उनकी तलाश तेज कर दी गई थी, लेकिन 21 मई तक वह पूरी तरह से गायब हो चुके थे। एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि जहांगीर खान ने मतदान से ठीक दो दिन पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था। तब से ही वे फरार थे और पुलिस की विभिन्न टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई थीं, जिसका अंत आज उनकी गिरफ्तारी के साथ हुआ।

चुनावी धांधली और गंभीर आरोप

जहांगीर खान पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी शुरुआत चुनाव से पहले एसआईआर के समय से ही हो गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को प्रभावित करने की कोशिश की और मतदाता सूची में हेरफेर करते हुए मृतकों के नाम जोड़ने का प्रयास किया। इन आरोपों के कारण चुनाव से पहले ही इलाके में काफी तनाव का माहौल बना हुआ था।

मतदाताओं को धमकाने का मामला

चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के अलावा, जहांगीर खान पर स्थानीय लोगों और मतदाताओं को डराने-धमकाने के भी आरोप लगे थे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने स्वयं इन गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोला था और उनके खिलाफ आवाज उठाई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुठभेड़ विशेषज्ञ अजय पाल शर्मा को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में डुंडी पुलिस स्टेशन भेजा था ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।

ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़

फालता विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान के दिन भारी अनियमितताएं देखी गई थीं। क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनों पर सेलोटेप चिपकाए जाने की खबरें सामने आई थीं, जिसका सीधा आरोप जहांगीर खान पर लगा था। इस धांधली के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए फालता में दोबारा चुनाव कराने की घोषणा की थी।

कानूनी दांवपेच और गिरफ्तारी

गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था और सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, राज्य सरकार ने भी उस सुरक्षा को वापस लेने के लिए आवेदन दिया था। कानूनी घेरा कसता देख जहांगीर ने नेपाल के रास्ते विदेश भागने की साजिश रची थी, लेकिन एसटीएफ ने उनकी इस योजना को विफल कर दिया। उल्लेखनीय है कि बंगाल में भाजपा की सरकार आने के बाद से टीएमसी नेताओं पर लगे आरोपों की गहन जांच की जा रही है और इसी क्रम में कई गिरफ्तारियां हो रही हैं। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कई टीएमसी नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया है।

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