डोनाल्ड ट्रंप का दावा: जेफरी एपस्टीन ने मेरी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का विरोध किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेफरी एपस्टीन के साथ संबंधों से इनकार करते हुए दावा किया है कि एपस्टीन उनकी चुनावी जीत के खिलाफ थे।

Feb 17, 2026 - 11:35
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डोनाल्ड ट्रंप का दावा: जेफरी एपस्टीन ने मेरी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का विरोध किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेफरी एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। 'एयर फ़ोर्स वन' पर पत्रकारों से एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनके पास इस मामले में छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि एपस्टीन कभी नहीं चाहता था कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति बनें और इसके लिए उसने सक्रिय रूप से उनके खिलाफ काम किया था। राष्ट्रपति ने इन बयानों के माध्यम से उन सभी आरोपों को खारिज करने का प्रयास किया है जो उन्हें एपस्टीन के हाई-प्रोफाइल नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करते हैं।

'मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है'

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन मामले में विरोधियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वे इस पूरे प्रकरण में पूरी तरह से निर्दोष हैं। ट्रंप के अनुसार, उन्हें इस मामले में पहले ही जांच के बाद क्लीन चिट मिल चुकी है और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जेफरी एपस्टीन के साथ उनका कोई व्यक्तिगत या व्यावसायिक संबंध नहीं था जो किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि से जुड़ा हो। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वे इस मामले में पूरी तरह पाक-साफ हैं और उनके पास छिपाने के लिए कोई तथ्य नहीं है।

एपस्टीन द्वारा राजनीतिक विरोध का दावा

बातचीत के दौरान ट्रंप ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि जेफरी एपस्टीन उनके राजनीतिक करियर के समर्थन में नहीं, बल्कि विरोध में था। ट्रंप के अनुसार, एपस्टीन एक लेखक के साथ मिलकर इस योजना पर काम कर रहा था कि ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव न जीत पाएं। राष्ट्रपति ने दावा किया कि एपस्टीन उनकी जीत के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ रहा था और उसने उनकी उम्मीदवारी को नुकसान पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए थे और यह बयान उन दावों के विपरीत है जिनमें अक्सर ट्रंप और एपस्टीन के पुराने सामाजिक संपर्कों का हवाला दिया जाता है।

जेफरी एपस्टीन मामला और 2019 की घटनाएं

जेफरी एपस्टीन का मामला अमेरिका के सबसे चर्चित कानूनी मामलों में से एक रहा है और एपस्टीन पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में मुकदमे की प्रतीक्षा के दौरान एपस्टीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। एपस्टीन के हाई-प्रोफाइल संपर्कों में दुनिया के कई अमीर और शक्तिशाली लोगों के नाम शामिल रहे हैं, जिसके कारण अमेरिकी राजनीति में अक्सर इस पर विवाद होता रहता है। ट्रंप ने इन चर्चाओं पर विराम लगाने के उद्देश्य से स्पष्ट किया कि एपस्टीन के साथ उनके संबंधों को गलत तरीके से पेश किया गया है।

30 लाख पृष्ठों के दस्तावेजों का सार्वजनिक होना

अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से जुड़े 30 लाख से अधिक पृष्ठों के दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। इन दस्तावेजों को 'एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम' के तहत जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन फाइलों का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि सरकार को एपस्टीन के नेटवर्क और उसके द्वारा किए गए अपराधों के बारे में क्या जानकारी थी। इन दस्तावेजों में एपस्टीन के संपर्कों और उसके द्वारा संचालित गतिविधियों का विस्तृत विवरण शामिल है और न्याय विभाग ने यह कदम महीनों के सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद उठाया है ताकि मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम का प्रभाव

दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद से अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। यह कानून विशेष रूप से उन सूचनाओं को उजागर करने के लिए बनाया गया था जो पहले गोपनीय रखी गई थीं। इन फाइलों में एपस्टीन के निजी विमान 'लोलिटा एक्सप्रेस' और उसके निजी द्वीप पर आने-जाने वाले मेहमानों की जानकारी होने की संभावना जताई गई है। ट्रंप ने इन दस्तावेजों के संदर्भ में कहा कि वे किसी भी जांच का स्वागत करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि ये फाइलें उनके दावों की पुष्टि करेंगी कि एपस्टीन उनके राजनीतिक हितों के खिलाफ काम कर रहा था।

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