दिल्ली में दिवाली पर जहरीली हुई हवा और 23 इलाकों में एक्यूआई 400 के पार
दिल्ली में दिवाली से पहले हवा बेहद जहरीली हो गई है। तेईस इलाकों में एक्यूआई चार सौ के पार पहुंच गया है और जहांगीरपुरी सबसे प्रदूषित क्षेत्र दर्ज किया गया है।
राजधानी दिल्ली में दिवाली से ठीक पहले वायु प्रदूषण बेहद चिंताजनक और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। हवा की धीमी रफ्तार और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी के कारण दिल्ली के तेईस इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई चार सौ यानी गंभीर श्रेणी को पार कर गया है। आठ नवंबर दो हजार छब्बीस की सुबह सात बजकर पांच मिनट तक दिल्ली का औसतन एक्यूआई तीन सौ चौरासी दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी के अंतर्गत आता है। पिछले दस सालों में दिवाली से ठीक पहले यह सबसे अधिक प्रदूषित हवा रिकॉर्ड की गई है, जिससे आम जनता का सांस लेना मुहाल हो गया है।
विभिन्न इलाकों की बात करें तो जहांगीरपुरी की हवा सबसे ज्यादा खराब स्थिति में पाई गई है, जहां एक्यूआई चार सौ पचास दर्ज किया गया है। इसके अलावा आरके पुरम में चार सौ अड़तालीस, रोहिणी में चार सौ पैंतालीस, पंजाबी बाग में चार सौ انचास, एनएसआईटी द्वारका में चार सौ इकतालीस, आईआईटी दिल्ली में चार सौ पैंतालीस और बवाना में चार सौ छियालीस एक्यूआई दर्ज किया गया है। ये दिल्ली के वे प्रमुख इलाके हैं जहां वायु की गुणवत्ता सबसे अधिक प्रभावित हुई है और स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है।
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बवाना में एक्यूआई चार सौ छियालीस गंभीर श्रेणी में, बुराड़ी क्रॉसिंग में चार सौ चौदह गंभीर श्रेणी में, अलीपुर में चार सौ तेरह गंभीर श्रेणी में, सुभाष नगर तथा राजौरी गार्डन क्षेत्र में तीन सौ चौरासी बहुत खराब श्रेणी में, बुराड़ी में तीन सौ सत्तर बहुत खराब श्रेणी में, आया नगर में तीन सौ पैंसठ बहुत खराब श्रेणी में, बदरपुर में तीन सौ उचास बहुत खराब श्रेणी में, आनंद विहार में तीन सौ चवालीस बहुत खराब श्रेणी में और अशोक विहार में तीन सौ तेईस बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।
इस बार दिवाली से एक दिन पहले हवा की स्थिति पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक प्रदूषित और ग्यारह सालों में दूसरी सबसे प्रदूषित दर्ज की गई है। यदि पिछले कुछ दिनों के एक्यूआई पर नजर डालें तो सात नवंबर को यह तीन सौ انہत्तर, छह नवंबर को तीन सौ बयासी, पांच नवंबर को तीन सौ انہत्तर, चार नवंबर को तीन सौ सतहत्तर, तीन नवंबर को तीन सौ पचास, दो नवंबर को तीन सौ चौबीस और एक नवंबर को दो सौ इकसठ दर्ज किया गया था। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आठ और नौ नवंबर को प्रदूषण का स्तर और अधिक बिगड़कर बेहद गंभीर श्रेणी में ही बना रह सकता है।
बढ़ते प्रदूषण के बीच तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और दिन के तापमान में अब धीरे-धीरे और गिरावट आने की पूरी संभावना जताई गई है। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान छब्बीस से अट्ठारह डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। हाल ही में शनिवार के दिन अधिकतम तापमान तीस रुपये पचास पैसे (तीस दशमलव पांच) डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान सोलह रुपये बीस पैसे (सोलह दशमलव दो) डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पटाखों के इस्तेमाल पर कड़े नियम और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए केवल सीएसआईआर-एनईईआरआई से प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है। समय सीमा के तहत आठ नवंबर को केवल सुबह छह से सात बजे तक और रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति तय की गई थी और इसके अलावा अस्पताल, हेल्थ सेंटर, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों के तीन सौ मीटर के दायरे यानी साइलेंस जोन में पटाखे जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
नियमों के तहत बेरियम युक्त पटाखे, पारंपरिक पटाखे और लड़ी जलाने पर सख्त मनाही लगाई गई है। यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके पटाखे जब्त किए जाएंगे, विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे तथा पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर कड़ी अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशानुसार नौ नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू कर दिया गया है ताकि हवा की गुणवत्ता को और अधिक बिगड़ने से बचाया जा सके।
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