IPO के लिए सबसे गोल्डन संवत! कंपनियों ने जुटाए रिकॉर्ड 2.23 लाख करोड़ रुपये

संवत 2082 में भारत के प्राइमरी मार्केट ने 375 आईपीओ के जरिए रिकॉर्ड 2.23 ट्रिलियन रुपये जुटाए। जानिए पूरी डिटेल।

Nov 7, 2026 - 22:35
 0  0
IPO के लिए सबसे गोल्डन संवत! कंपनियों ने जुटाए रिकॉर्ड 2.23 लाख करोड़ रुपये

23 ट्रिलियन रुपये जुटाए हैं। 12 ट्रिलियन रुपये मेनबोर्ड इश्यू से आए, जबकि बाकी की रकम स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज यानी SME ऑफरिंग के जरिए हासिल की गई है। 12 ट्रिलियन रुपये जुटाए गए। 78 ट्रिलियन रुपये के मुकाबले 19 रुपये 60 पैसे फीसदी अधिक है। इसके अलावा मेनबोर्ड इश्यू की संख्या भी एक साल पहले के 104 से 26 फीसदी बढ़कर 131 हो गई है।

इस अवधि के दौरान फ्रेश कैपिटल यानी नई पूंजी 1 ट्रिलियन रुपये रही, जो पिछले साल के 70,641 करोड़ रुपये से 42 फीसदी अधिक है। वहीं ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस 4 रुपये 80 पैसे फीसदी बढ़कर 1 रुपये 12 ट्रिलियन रुपये हो गया, जो पहले 1 रुपये 07 ट्रिलियन रुपये था। कुल जुटाई गई रकम में ओएफएस की हिस्सेदारी 52 रुपये 80 पैसे फीसदी रही, जबकि एक साल पहले यह 60 रुपये 20 पैसे फीसदी थी। कुल 375 मेनबोर्ड और एसएमई आईपीओ में से 230 आईपीओ अपने इश्यू प्राइस से ऊपर लिस्ट हुए हैं।

किन कंपनियों ने जुटाया सबसे ज्यादा पैसा

संवत 2082 के दौरान कई बड़ी कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट का रुख किया और भारी-भरकम पूंजी जुटाई। जियो प्लेटफॉर्म्स का इश्यू सबसे बड़ा रहा, जिसने पूरी तरह से फ्रेश कैपिटल के जरिए 30,188 करोड़ रुपये जुटाए। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने 22,563 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने 10,603 करोड़ रुपये जुटाए। इन दोनों कंपनियों ने पूरी रकम ओएफएस के जरिए जुटाई। इन शीर्ष तीन कंपनियों ने मिलकर कुल 63,353 करोड़ रुपये जुटाए, जो कुल रकम का 29 रुपये 80 पैसे फीसदी है। इसके अलावा एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने 9,795 करोड़ रुपये और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने 9,275 करोड़ रुपये जुटाए, जिसके साथ शीर्ष पांच कंपनियों की यह लिस्ट पूरी होती है।

विदेशी निवेशकों की निकासी के बावजूद घरेलू लिक्विडिटी मजबूत

पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर महावीर लुनावत ने कहा कि संवत 2082 में रिकॉर्ड फंड जुटाना भारत के प्राइमरी मार्केट के लिए एक अहम पड़ाव है। अलग-अलग सेक्टर्स और साइज की भारतीय कंपनियों का पब्लिक कैपिटल तक पहुंचना उनकी बढ़ती क्षमता को दिखाता है। खास बात यह है कि लगभग 1 ट्रिलियन रुपये की राशि नए कैपिटल इश्यू के जरिए आई है, जो सीधे तौर पर बिजनेस के विस्तार, क्षमता बढ़ाने और विकास में लगाई जा रही है। ओएफएस के जरिए निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी से वैल्यू निकालने और मार्केट लिक्विडिटी सुधारने का मौका मिलता है, बशर्ते एग्जिट की कीमत और कारण पूरी तरह पारदर्शी हों और आस्क प्राइवेट वेल्थ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर और सीनियर मैनेजिंग पार्टनर विनय जयसिंह ने कहा कि एफआईआई की भारी निकासी के बावजूद मार्केट का इतने बड़े प्राइमरी इश्यू को पचा लेना घरेलू लिक्विडिटी की मजबूती को दिखाता है। हालांकि इसका दूसरा पहलू यह है कि बड़े आईपीओ लिक्विडिटी के लिए सेकेंडरी मार्केट के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं।

मेनबोर्ड इश्यू और सेक्टरवार प्रदर्शन

फाइनेंशियल सर्विसेज और इन्वेस्टमेंट सबसे बड़ा सेक्टर रहा, जिसमें 14 इश्यू के जरिए 60,781 करोड़ रुपये जुटाए गए, जो कुल राशि का 28 रुपये 60 पैसे फीसदी है। कुल 131 मेनबोर्ड इश्यू में से 89 इश्यू लिस्टिंग के दिन अपने इश्यू प्राइस से ऊपर बंद हुए। लिस्टिंग के दिन मिलने वाला मीडियन गेन 6 रुपये 80 पैसे फीसदी रहा। शुक्रवार के एडजस्टेड मार्केट प्राइस के आधार पर 87 मेनबोर्ड इश्यू अपने ऑफर प्राइस से ऊपर थे, जबकि 43 नीचे थे। ऑफर प्राइस से मिलने वाला मीडियन रिटर्न 16 रुपये 80 पैसे फीसदी रहा। एक हजार करोड़ रुपये या उससे बड़े आकार वाले 42 इश्यू में से 34 इश्यू अपने ऑफर प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहे थे। विनय जयसिंह ने आगे कहा कि मार्केट अब कंपनियों के बीच फर्क करने लगा है। यह फर्क कमाई की स्पष्टता, कैश-फ्लो कन्वर्जन, बैलेंस शीट की क्वालिटी, गवर्नेंस और वैल्यूएशन के आधार पर किया जा रहा है।

कंपनियों का रिटर्न और शेयरों का हाल

ग्रो को ऑपरेट करने वाली कंपनी बिलियनब्रेन्स गैरेज वेंचर्स अपने ऑफर प्राइस से 115 रुपये 10 पैसे फीसदी ऊपर रही। मीशो में 110 रुपये 30 पैसे फीसदी और लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में 80 रुपये 30 पैसे फीसदी की बढ़त देखी गई। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी 35 रुपये 60 पैसे फीसदी और जियो प्लेटफॉर्म्स 25 रुपये 70 पैसे फीसदी ऊपर रहे। वहीं पाइन लैब्स में 26 रुपये 50 पैसे फीसदी और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में 13 फीसदी की गिरावट आई। सभी मेनबोर्ड लिस्टिंग में ओमनीटेक इंजीनियरिंग 166 रुपये 20 पैसे फीसदी और केएसएच इंटरनेशनल 161 रुपये 70 पैसे फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे रहे। दूसरी ओर श्री राम ट्विस्टेक्स में 64 रुपये 80 पैसे फीसदी और आस्था स्पिनटेक्स में 63 रुपये 40 पैसे फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।

SME सेगमेंट का प्रदर्शन और आगामी आईपीओ

एसएमई सेगमेंट में 244 इश्यू के जरिए 10,826 करोड़ रुपये जुटाए गए, जो पिछले संवत में 240 इश्यू से जुटाए गए 10,407 करोड़ रुपये के मुकाबले 4 फीसदी अधिक है। ओएफएस 40 रुपये 60 पैसे फीसदी घटकर 628 करोड़ रुपये रह गया, जो कुल जुटाई गई राशि का 5 रुपये 80 पैसे फीसदी है। एसएमई इश्यू में से 141 इश्यू लिस्टिंग के दिन अपने इश्यू प्राइस से ऊपर बंद हुए। हालांकि 6 नवंबर तक 114 इश्यू ऑफर प्राइस से ऊपर थे, जबकि बाकी नीचे आ गए। मीडियन रिटर्न के मामले में 3 रुपये 90 पैसे फीसदी का नुकसान देखने को मिला। अगले संवत में आईपीओ पाइपलाइन में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने इस सप्ताह पांच आईपीओ को मंजूरी दी है। इनमें आईआईएफएल फाइनेंस, अर्जुन ज्वैलर्स, एनक्यूब एथिकल्स, सागर डिफेंस इंजीनियरिंग और महानदी कोलफील्ड्स शामिल हैं। इन पांच आईपीओ में से तीन में ओएफएस का हिस्सा भी शामिल है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow