पीएम मोदी और मैक्रों ने किया भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन, फ्रांस में बड़ी पहल
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने फ्रांस के नीस में भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन किया। इसमें 120 से ज्यादा स्टार्टअप्स और IIT जैसे संस्थान हिस्सा ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस के नीस शहर में भारत इनोवेट्स 2026 सम्मेलन का भव्य उद्घाटन किया है। यह आयोजन भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का एक बड़ा प्रतीक है। रविवार को जब प्रधानमंत्री मोदी नीस पहुंचे, तो राष्ट्रपति मैक्रों ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों वैश्विक नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और हाथ मिलाया, जो दोनों देशों के बीच के गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाता है। इसके तुरंत बाद, उन्होंने संयुक्त रूप से भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम की शुरुआत की, जो दुनिया भर के स्टार्टअप्स, निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक साझा मंच प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
सम्मेलन की अवधि और मुख्य उद्देश्य
भारत इनोवेट्स 2026 सम्मेलन का आयोजन 14 जून से 16 जून तक तीन दिनों की अवधि के लिए किया जा रहा है। इसे भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के तहत एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आधारभूत आयोजन माना जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य नई तकनीकों को बढ़ावा देना, नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करना और मजबूत कारोबारी साझेदारियां स्थापित करना है। यह कार्यक्रम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि तकनीक और नवाचार के मोर्चे पर भारत और फ्रांस के बीच का सहयोग अब एक नए और ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
स्टार्टअप्स और शिक्षण संस्थानों की बड़ी भागीदारी
इस वैश्विक मंच पर भारत की ओर से 120 से ज्यादा डीप-टेक स्टार्टअप्स अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। स्टार्टअप्स के साथ-साथ, भारत के 15 से अधिक प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान और शोध संगठन भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जैसे विश्व प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों की भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि नवाचार के साथ-साथ अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को भी समान महत्व दिया जाए।
सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को दुनिया भर के बड़े निवेशकों, उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ जोड़ना है और इस पहल से भारतीय कंपनियों और देश के युवाओं के लिए निवेश के नए रास्ते खुलने, तकनीकी सहयोग बढ़ने और वैश्विक स्तर पर नए अवसर मिलने की प्रबल संभावना है। यह भारतीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दुनिया के सामने रखने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान
भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम के दौरान भविष्य की उन तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो आने वाले समय में वैश्विक परिदृश्य को बदल सकती हैं।
- एडवांस कंप्यूटिंग और इसके विभिन्न औद्योगिक उपयोग।
- सेमीकंडक्टर तकनीक, जो आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की रीढ़ है।
- अंतरिक्ष तकनीक और इस क्षेत्र में नए अन्वेषण।
- रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक नई तकनीकें।
- बायोटेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) में नवाचार।
- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए विकसित की जा रही तकनीकें।
विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत के लिए अपनी तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन करने और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने का एक सुनहरा मौका है। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों के साथ उनकी एक द्विपक्षीय बैठक भी निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि भारत और फ्रांस के संबंधों को हाल ही में स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया है। इस नए दर्जे के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली शिखर बैठक है, जो रक्षा, तकनीक और कूटनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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