पेंटागन में नेतृत्व संकट: 25 अधिकारी बर्खास्त और 45 का प्रमोशन रुका, ईरान युद्ध के बीच मचा घमासान

ईरान युद्ध के बीच पेंटागन में नेतृत्व संकट गहराया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 25 अधिकारियों को हटाया और 45 के प्रमोशन रोके, जिससे सैन्य तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।

Sep 3, 2026 - 14:35
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पेंटागन में नेतृत्व संकट: 25 अधिकारी बर्खास्त और 45 का प्रमोशन रुका, ईरान युद्ध के बीच मचा घमासान

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में नेतृत्व को लेकर संकट लगातार गहराता जा रहा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल के दौरान अब तक 25 से ज्यादा सीनियर सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है और लगभग 45 अफसरों के प्रमोशन पर रोक लगा दी गई है। यह स्थिति एक ऐसे समय में पैदा हुई है जब ईरान के साथ युद्ध को 6 महीने पूरे हो चुके हैं और अमेरिकी सेना पर चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है। सेना के भीतर चल रही इस उथल-पुथल ने देश की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डैन ड्रिस्कॉल का इस्तीफा और नेतृत्व का अभाव

पेंटागन को सबसे बड़ा झटका सोमवार को लगा जब आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ड्रिस्कॉल न केवल एक महत्वपूर्ण पद पर थे, बल्कि वे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के करीबी दोस्त और येल लॉ स्कूल में उनके बैचमेट भी रहे हैं। एक समय में उन्हें पीट हेगसेथ के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। ड्रिस्कॉल और हेगसेथ के बीच सेना के नेतृत्व और आधुनिकीकरण की योजनाओं को लेकर लंबे समय से गहरे मतभेद चल रहे थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रिस्कॉल को यूक्रेन से जुड़ी संवेदनशील कूटनीतिक जिम्मेदारियां भी सौंपी थीं। उनके इस्तीफे के बाद अमेरिकी सेना के पास अब सीनेट द्वारा मंजूर किया गया कोई स्थायी नागरिक या सैन्य नेतृत्व नहीं बचा है, जो ईरान युद्ध के इस नाजुक दौर में एक बड़ी चुनौती है।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में व्यापक बदलाव

हेगसेथ के कार्यकाल में सैन्य सेवाओं के शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव देखे गए हैं। लगभग हर मिलिट्री सर्विस के टॉप अफसरों को या तो हटा दिया गया है या उन्होंने खुद पद छोड़ दिया है। इसमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, नौसेना के शीर्ष एडमिरल और आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं और वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हेगसेथ ने दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को पदमुक्त किया है। वर्तमान में ज्वाइंट चीफ्स में केवल मरीन कॉर्प्स और स्पेस फोर्स के वे प्रमुख ही बचे हैं जो हेगसेथ के कार्यभार संभालने के समय मौजूद थे। इससे पहले हेगसेथ ने आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को भी उनके पद से हटा दिया था, जिससे सेना के भीतर असंतोष की लहर दौड़ गई थी।

प्रमोशन पर रोक और आंतरिक विवाद

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ ने इस साल कम से कम 45 अधिकारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया को रोक दिया है। सैन्य परंपराओं में वरिष्ठ अधिकारियों के प्रमोशन को आमतौर पर राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखा जाता है, लेकिन हेगसेथ के इस कदम ने इस परंपरा को तोड़ दिया है और nBC न्यूज के अनुसार, हाल के हफ्तों में जिन अधिकारियों के प्रमोशन रोके गए हैं, उनमें एक दर्जन से ज्यादा अश्वेत, हिस्पैनिक और महिला अधिकारी शामिल हैं। इस फैसले ने पेंटागन के भीतर भेदभाव और पक्षपात की चर्चाओं को जन्म दे दिया है, जिससे सैन्य अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ रहा है।

ईरान युद्ध और हथियारों की कमी का संकट

पेंटागन का यह आंतरिक संकट ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ चल रहा युद्ध अमेरिकी सेना की क्षमताओं की कड़ी परीक्षा ले रहा है। यूरोप, प्रशांत और लैटिन अमेरिका में तैनात अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने ईरान युद्ध के लिए अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक संसाधनों को झोंकने से अन्य वैश्विक खतरों से निपटने की क्षमता कमजोर हो रही है और वॉशिंगटन पोस्ट के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के केवल 25 प्रतिशत डिस्ट्रॉयर ही इस समय तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रशांत क्षेत्र में तैनात एकमात्र समर्पित एयरक्राफ्ट कैरियर को भी मध्य पूर्व भेज दिया गया है। हथियारों के भंडार पर भी इसका बुरा असर पड़ा है; एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, अमेरिका के 65 प्रतिशत पैट्रियट इंटरसेप्टर पहले ही इस्तेमाल किए जा चुके हैं। इससे नाटो सहयोगियों की मदद करने और चीन के साथ संभावित संघर्ष की तैयारियों पर भारी दबाव पड़ रहा है।

पेंटागन की सफाई और भविष्य की योजना

इन तमाम विवादों और खबरों के बीच पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने मंत्रालय में किसी भी तरह की अव्यवस्था से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जनरलों के बीच असहमति होना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे संकट नहीं माना जाना चाहिए और उन्होंने गोपनीय सैन्य जानकारियों को सार्वजनिक करने को सेना के साथ विश्वासघात और अपराध करार दिया। हथियारों की कमी के दावों को भी पेंटागन ने गलत बताया है और कहा है कि अमेरिका के पास पर्याप्त सुरक्षा भंडार मौजूद है। हालांकि, पारदर्शिता को लेकर सवाल बरकरार हैं क्योंकि 5 मई के बाद से कोई औपचारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई है। इन सबके बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप ने हेगसेथ पर अपना भरोसा बनाए रखा है और कांग्रेस से रिकॉर्ड 1 ट्रिलियन 500 अरब डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी देने की मांग की है।

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