फलता उपचुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत: पीएम मोदी ने बताया लोकतंत्र की जीत
पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर बीजेपी ने 1,09,021 वोटों से जीत दर्ज की। पीएम मोदी ने इसे लोकतंत्र की जीत और धमकियों की हार बताया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फालता विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है और इस जीत ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उस गढ़ को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है जिसे कभी अभेद्य माना जाता था। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सीपीआई (एम) के प्रत्याशी शंभू नाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के विशाल अंतर से पराजित किया। वहीं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे, जो पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
चुनाव परिणाम और आंकड़ों का विश्लेषण
फलता सीट पर हुए इस चुनाव के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। बीजेपी के देबांग्शु पांडा को कुल 1,49,666 वोट प्राप्त हुए, जो उनकी लोकप्रियता और जनता के भरोसे को दर्शाते हैं। उनके मुकाबले सीपीआई (एम) के उम्मीदवार शंभु नाथ कुर्मी को 40,645 वोट मिले। कांग्रेस के प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। सबसे बड़ी गिरावट टीएमसी के प्रदर्शन में देखी गई, जहां उनके उम्मीदवार जहांगीर खान को केवल 7,783 वोट मिले और उनकी जमानत तक जब्त हो गई। फालता विधानसभा सीट को लंबे समय से टीएमसी के राजनीतिक रूप से प्रभावशाली डायमंड हार्बर क्षेत्र का हिस्सा माना जाता रहा है, जहां 2021 में पार्टी ने लगभग 57 प्रतिशत वोट शेयर के साथ जीत हासिल की थी।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया और कार्यकर्ताओं का उत्साह
बीजेपी की इस शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत और धमकियों की हार करार दिया और पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "फलता की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है! लोकतंत्र की जीत हुई है और धमकियों की हार हुई है। " प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह जीत बीजेपी के प्रति पश्चिम बंगाल की जनता के अटूट विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोग राज्य सरकार के कार्यों को देख रहे हैं और उन्होंने हमें आशीर्वाद देने का फैसला किया है। पीएम मोदी ने राज्य भर के बीजेपी कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि पार्टी बंगाल की प्रगति के लिए निरंतर काम करती रहेगी।
वोट शेयर में ऐतिहासिक बदलाव और पुनर्मतदान का कारण
इस पुनर्मतदान में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। बीजेपी का वोट शेयर जो 2021 में 36 दशमलव 75 प्रतिशत था, वह अब बढ़कर 71 दशमलव 2 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, टीएमसी का वोट शेयर 57 प्रतिशत से गिरकर मात्र 3 दशमलव 7 प्रतिशत रह गया है। चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम पर स्याही, चिपकने वाले पदार्थ और परफ्यूम जैसे रसायनों के इस्तेमाल की शिकायतों के बाद सभी 285 बूथों पर 21 मई को पुनर्मतदान का आदेश दिया था। यह मतदान भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। मतदान से दो दिन पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने पीछे हटने की घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उनका नाम ईवीएम पर बना रहा।
शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी पर कड़ा प्रहार
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस परिणाम को जनता की स्वतंत्र वोटिंग का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को इस बार बिना किसी दबाव और भय के मतदान करने का अवसर मिला। अधिकारी ने टीएमसी पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और डराने-धमकाने की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया और उन्होंने बिना नाम लिए टीएमसी महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा और उन्हें एक धोखेबाज बताया जो अचानक सत्ता में आ गया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता अब टीएमसी को पूरी तरह से खारिज करने की तैयारी कर रही है। जीत के बाद देबांग्शु पांडा ने भी फालता की जनता का आभार व्यक्त किया और इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान की जीत बताया।
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