बिटकॉइन की तूफानी वापसी: ट्रंप के क्रिप्टो पुश से 71000 डॉलर के पार पहुंचा रेट
बिटकॉइन 11 प्रतिशत की तेजी के साथ 71000 डॉलर के पार पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रंप के क्रिप्टो समर्थन के बाद मार्केट कैप में 190 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है।
बिटकॉइन ने एक बार फिर वैश्विक वित्तीय बाजार में अपनी जबरदस्त धमक दिखाई है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिटकॉइन की कीमतों में 11 प्रतिशत की तूफानी तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद यह 71000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया है। यह पिछले दो महीनों में बिटकॉइन का सबसे ऊंचा स्तर है। इस उछाल ने न केवल बिटकॉइन के निवेशकों को खुश किया है, बल्कि पूरे क्रिप्टोकरेंसी बाजार में नई जान फूंक दी है। इस तेजी के कारण कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 190 बिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। बाजार में आए इस सकारात्मक बदलाव का मुख्य कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टेक लीडर्स और क्रिप्टो इंडस्ट्री के अधिकारियों के साथ संवाद माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का क्रिप्टो समर्थन और रेगुलेटरी स्पष्टता
क्रिप्टो बाजार का मूड तब पूरी तरह बदल गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो इंडस्ट्री के दिग्गजों और टेक लीडर्स को संबोधित किया। इस दौरान ट्रंप ने क्रिप्टो क्षेत्र के प्रति अपना सकारात्मक रुख स्पष्ट किया। कॉइनडीसीएक्स रिसर्च टीम के अनुसार, ट्रंप ने कांग्रेस से ‘क्रिप्टो क्लैरिटी एक्ट’ पास करने का आग्रह किया है, जिसे इस उद्योग के लिए नियमों में स्पष्टता लाने वाला एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी सीएफटीसी वर्तमान में ‘हाइपरलिक्विड’ को अमेरिकी बाजार में लाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इन बयानों के बाद बिटकॉइन की कीमतों में तेजी आई और यह लगभग 71730 डॉलर के स्तर पर ट्रेड करता देखा गया।
मार्केट कैप में 190 बिलियन डॉलर का इजाफा और लिक्विडेशन
बिटकॉइन में आई इस तेजी का असर पूरे मार्केट पर व्यापक रूप से पड़ा है। कॉइनडीसीएक्स रिसर्च टीम ने बताया कि बिटकॉइन ने 70000 डॉलर के इंट्राडे हाई को छूने के बाद अपनी बढ़त जारी रखी। पिछले 24 घंटों में कुल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 190 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान बाजार में 2 बिलियन 74 करोड़ डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन लिक्विडेट हो गईं, क्योंकि जिन ट्रेडर्स ने बाजार गिरने पर दांव लगाया था, उन्हें अपनी पोजीशन बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। कॉइनमार्केटकैप के आंकड़ों के मुताबिक, ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन 9 प्रतिशत 76 की बढ़त के साथ 2 लाख 41 हजार करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
इथेरियम और अन्य ऑल्टकॉइन्स का प्रदर्शन
बिटकॉइन की इस लहर में अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले 24 घंटों में इथेरियम की कीमत 2 प्रतिशत 79 बढ़कर 2285 डॉलर पर पहुंच गई। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स की बात करें तो बीएनबी, एक्सआरपी, सोलाना, ट्रोन, हाइपरलिक्विड, डॉजकॉइन और कार्डानो में 26 प्रतिशत 26 तक की जबरदस्त तेजी देखी गई। पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिटकॉइन में 13 प्रतिशत और इथेरियम में 21 प्रतिशत 72 की बढ़त दर्ज की गई है। इसी तरह बीएनबी, एक्सआरपी, सोलाना, हाइपरलिक्विड, डॉजकॉइन और कार्डानो जैसे सिक्कों में 29 प्रतिशत 64 तक का उछाल आया है। हालांकि, इस तेजी के बीच ट्रोन में 0 प्रतिशत 20 की मामूली गिरावट भी दर्ज की गई है।
ईटीएफ में निवेश और संस्थागत प्रवाह
बाजार में नए पैसे की वापसी के संकेत ईटीएफ के आंकड़ों से भी मिल रहे हैं। जियोटस के सीईओ विक्रम सुब्बुराज ने बताया कि 10 से 14 अगस्त के बीच अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से कुल 385 मिलियन 20 लाख डॉलर बाहर निकले थे, लेकिन इसके बाद के केवल तीन ट्रेडिंग सेशन में ही इसमें 651 मिलियन डॉलर का भारी निवेश वापस आया है। सुब्बुराज का मानना है कि निवेशकों को 68500 डॉलर के स्तर पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। बाजार फिलहाल यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या 70000 डॉलर का यह स्तर एक स्थायी ब्रेकथ्रू है या केवल एक अस्थायी ऊपरी सीमा। उन्होंने संतुलित प्रतिक्रिया के लिए छोटे साइज की पोजीशन और धीरे-धीरे खरीदारी की सलाह दी है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य के संकेत
कॉइनस्विच में इंडिया बिजनेस के वीपी बालाजी श्रीहरि ने कहा कि बिटकॉइन का 71000 डॉलर के ऊपर जाना एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत है। यह लंबे समय से चल रहे कंसोलिडेशन यानी स्थिरता के दौर से बाहर निकलकर एक व्यापक रिकवरी की ओर इशारा करता है। ट्रेजरी यील्ड में कमी और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से बाजार में लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार हुआ है। इसके साथ ही ईटीएफ में लगातार आ रहे निवेश और रेगुलेटरी क्लैरिटी की दिशा में हो रही प्रगति ने इस तेजी को और अधिक मजबूती प्रदान की है। निवेशक अब आने वाले समय में नियमों में और अधिक स्पष्टता और संस्थागत भागीदारी बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
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