बीजेपी का राहुल गांधी पर बड़ा हमला: कहा बदतमीजी बंद कीजिए देश संसद से चलेगा सड़क से नहीं

बीजेपी ने दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला। 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में, 30000 सुरक्षाकर्मी तैनात और जंतर-मंतर के पास इंटरनेट बंद।

Oct 10, 2026 - 18:35
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बीजेपी का राहुल गांधी पर बड़ा हमला: कहा बदतमीजी बंद कीजिए देश संसद से चलेगा सड़क से नहीं

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक जोरदार हमला बोला है। यह विवाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों से उपजा है। बीजेपी ने राहुल गांधी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें अपनी बदतमीजी बंद करनी चाहिए और यह समझना चाहिए कि देश संसद से चलता है, सड़क से नहीं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और एसआईआर (SIR) और सीईसी (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिया जा रहा है।

दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत और पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में एकत्र हुए हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, सीईसी विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अब तक 3000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई व्यापक रही है और राजधानी के अलग-अलग इलाकों से समर्थकों को उठाया गया है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, कनॉट प्लेस आउटर सर्किल में लगभग 200 सीजेपी समर्थकों को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या विरोध की तीव्रता और व्यवस्था बनाए रखने के सरकार के संकल्प को दर्शाती है।

हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी के प्रमुख नेता भी शामिल हैं, जिनमें पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास का नाम प्रमुख है। इन तीनों नेताओं को कथित तौर पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया गया, ताकि उन्हें विरोध स्थल तक पहुंचने से रोका जा सके और पुलिस हाई अलर्ट पर है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है ताकि स्थिति और न बिगड़े। शुरुआती चरणों में 1500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर थी, जो दिन चढ़ने के साथ बढ़कर 3000 से अधिक हो गई।

अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर पाबंदियां

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने इलाके को एक किले में तब्दील कर दिया है। पूरे शहर में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के 30000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है। एक असाधारण कदम उठाते हुए, वाहनों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गई हैं। पूरे इलाके की सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के नेटवर्क के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।

सुरक्षा उपायों का असर शहर के बुनियादी ढांचे और दैनिक जीवन पर भी पड़ा है। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के लिए 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट की सुविधा बंद कर दी गई है। इसके अलावा, आंदोलनकारियों के बीच सूचनाओं के प्रसार और समन्वय को रोकने के लिए जंतर-मंतर के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) को तैनात किया गया है ताकि राजधानी में प्रवेश करने वाले हर वाहन की जांच की जा सके और मुख्य रास्तों से आने वाले हर व्यक्ति की पुलिस कर्मियों द्वारा गहन जांच की जा रही है।

राहुल गांधी और कांग्रेस पर बीजेपी का तीखा हमला

बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उन पर भारत के खिलाफ गलत नैरेटिव बनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी देश की तरक्की बर्दाश्त नहीं कर सकते और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। बीजेपी ने टिप्पणी की, "राहुल गांधी, अपनी बदतमीजी बंद कीजिए और " सत्ताधारी दल ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करते हैं और चुनावी हार का सामना करने के बाद विरोध प्रदर्शनों को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी के इतिहास का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने अतीत में कई चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल बनाया था। उन्होंने राहुल गांधी की इस बात के लिए आलोचना की कि उन्होंने कथित तौर पर राष्ट्रपति से मिलने के बारे में झूठ बोला और उन्हें आपातकाल (इमरजेंसी) पर भाषण न देने की सलाह दी, उन्हें याद दिलाया कि यह कांग्रेस ही थी जिसने देश पर इमरजेंसी थोपी थी। बीजेपी ने जोर देकर कहा कि चुनाव हारने वाले हताश लोग अब दिल्ली की जनता के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं।

रवि शंकर प्रसाद ने अरविंद केजरीवाल को बनाया निशाना

बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधने का अवसर नहीं छोड़ा। केजरीवाल द्वारा दांडी मार्च का जिक्र किए जाने पर प्रसाद ने इसे एक बड़ी बात बताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल वर्तमान में शराब घोटाले में फंसे हुए हैं और उन्हें अपने आंदोलन की तुलना ऐतिहासिक दांडी मार्च से करके महात्मा गांधी की आत्मा को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। प्रसाद ने सवाल किया कि अन्ना आंदोलन के दौरान केजरीवाल के साथ रहे उनके सभी साथी उन्हें छोड़कर क्यों चले गए, उन्होंने नोट किया कि वे सभी एक-एक करके दूर हो गए।

पूर्व नौकरशाहों का समर्थन और मानवीय पहल

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, 124 पूर्व IAS और IFS अधिकारियों के एक समूह ने देश के नागरिकों के नाम एक खुला पत्र जारी किया। इस पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का पुरजोर बचाव किया, जो प्रदर्शनकारियों की मांगों के विपरीत एक नैरेटिव प्रदान करता है। पूर्व उच्च पदस्थ अधिकारियों का यह सामूहिक समर्थन एसआईआर और सीईसी को लेकर चल रही बहस में एक नया आयाम जोड़ता है।

तनाव के बीच एक मानवीय पहलू भी सामने आया और दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में रहने के दौरान उनकी दादी के दुखद निधन की जानकारी दी गई। पुलिस ने दावा किया कि यह जानकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ दी गई और मानवीय आधार पर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने गृहनगर जाने के लिए हर संभव मदद की पेशकश भी की गई और इस पहल को हिरासत के दौरान पुलिस बल के पेशेवर और संवेदनशील दृष्टिकोण को दिखाने के लिए रेखांकित किया गया।

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