भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स को लताड़ा, कहा पाकिस्तानी कश्मीर नहीं यह पीओके है
भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा पीओके को 'पाकिस्तानी कश्मीर' कहने पर आपत्ति जताई और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया।
भारत सरकार ने अमेरिकी समाचार पत्र 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' द्वारा पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के लिए 'पाकिस्तानी कश्मीर' शब्दावली का उपयोग किए जाने पर अत्यंत कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया है कि 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसा कोई भौगोलिक या राजनीतिक अस्तित्व नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र केवल 'पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर' (पीओके) है। भारत ने इस शब्दावली को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया है। भारतीय दूतावास ने इस संबंध में अमेरिकी अखबार की रिपोर्टिंग के तरीके पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट के माध्यम से भारत के अडिग रुख को दोहराया है और दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने यह भी रेखांकित किया कि ये क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भारत का हिस्सा रहे हैं, वर्तमान में हैं और भविष्य में भी रहेंगे। न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन को भ्रामक बताते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी संप्रभुता का पुरजोर बचाव किया है और स्पष्ट किया है कि किसी भी विदेशी मीडिया को भारत की क्षेत्रीय अखंडता को गलत तरीके से पेश करने का अधिकार नहीं है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट और मीरपुर में हिंसा
भारत की यह तीखी प्रतिक्रिया द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालिया अशांति और स्थानीय चुनावों का विवरण दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, मीरपुर क्षेत्र में उस समय भारी हिंसा भड़क गई जब सुरक्षा बलों और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के सदस्यों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह संगठन कथित तौर पर पुलिस की ज्यादतियों और प्रशासनिक मुद्दों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा था। अमेरिकी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि इस झड़प के दौरान कम से कम 2 लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने इन मौतों पर चिंता व्यक्त की है और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
चुनावी प्रक्रिया पर अशांति का प्रभाव
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में विस्तार से बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से पीओके में जारी अशांति के कारण कई लोगों की जान गई है और इसका सीधा असर वहां की स्थानीय चुनावी प्रक्रिया पर भी पड़ा है। रिपोर्ट में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के दावों का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कहा गया है कि पुलिस के साथ हुई झड़पों में उनके कई सदस्य मारे गए हैं। हालांकि, अखबार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है और न ही वहां के अधिकारियों ने इन मौतों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। भारत ने इस पूरी स्थिति को पाकिस्तान के अवैध कब्जे और वहां के लोगों के दमन का परिणाम बताया है।
भारत ने फिर दोहराया अपना स्पष्ट रुख
भारत ने एक बार फिर वैश्विक समुदाय के सामने अपना पुराना और स्पष्ट रुख दोहराते हुए कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, लेकिन इस अवैध कब्जे से भारत के संप्रभु अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भारतीय दूतावास ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान इन इलाकों में रहने वाले लोगों के खिलाफ लगातार हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया को रिपोर्टिंग करते समय ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए और 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसी गलत शब्दावली से बचना चाहिए।
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