या तो समझौता होगा या काम तमाम, खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ट्रंप की ईरान को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते या विनाश की चेतावनी दी है। खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंच गया है और अंतिम यात्रा की तैयारी जारी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है और उन्होंने ईरान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में जुटा हुआ है। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि या तो ईरान के साथ एक समझौता होगा, या फिर अमेरिका अपने अभियान को पूरी तरह से समाप्त करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि वे बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के पक्षधर हैं।
समझौता या पूर्ण विनाश की चेतावनी
ट्रंप ने अपनी रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा, "हम किसी भी तरह से जीत हासिल करेंगे। " उन्होंने आगे कहा कि वे समझौता करना इसलिए पसंद करेंगे क्योंकि वे 9 करोड़ 10 लाख लोगों के जीवन को प्रभावित नहीं करना चाहते हैं। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को लेकर एक गंभीर धमकी भी दी। ट्रंप ने दावा किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो अमेरिका मात्र 1 घंटे के भीतर ईरान के सभी प्रमुख पुलों को नष्ट करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान की ऊर्जा आपूर्ति और उनके बड़े व आधुनिक पावर प्लांट्स को भी पूरी तरह खत्म कर सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके पास पहले बहुत पैसा था, लेकिन अब स्थिति वैसी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ने उन्हें कोई पैसा नहीं दिया है। ट्रंप ने आगे दावा किया कि अमेरिका चाहे तो कुछ ही घंटों में ईरान की पूरी बिजली व्यवस्था को ठप कर सकता है। उन्होंने कहा, "हम बीच दोपहर उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों को नष्ट कर सकते हैं। " यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने के लिए हर संभव विकल्प खुला रख रहा है।
अंतिम संस्कार के दौरान हमले का दावा
ट्रंप का यह बयान उनके उस पिछले दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका चाहता, तो वह ईरान के बचे हुए शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में खत्म कर सकता था और यह टिप्पणी उस समय के संदर्भ में थी जब ईरान के तमाम वरिष्ठ अधिकारी पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान एक ही स्थान पर मौजूद थे। ज्ञात हो कि खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। न्यूज वेबसाइट एक्सियोस को दिए गए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने इस बारे में कहा था, "वे सभी एक ही जगह पर मौजूद थे।
ईरान की तीखी और प्रतीकात्मक प्रतिक्रिया
ट्रंप के इन बयानों पर ईरान की ओर से कड़ी और भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है और रविवार को आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अमेरिका और ट्रंप की जमकर आलोचना की। दूतावास ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका कभी भी खामेनेई की मृत्यु से जुड़े दुख और लोगों की भावनाओं को नहीं समझ पाएगा। दूतावास ने लिखा, "अमेरिका के पास न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान। आप लोगों की हत्या कर सकते हैं, लेकिन उनके विचारों की नहीं।
कोम पहुंचा खामेनेई का पार्थिव शरीर
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर अब कोम शहर पहुंच चुका है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी ने एक वीडियो प्रसारित किया है जिसमें एक हेलीकॉप्टर को कोम प्रांत की प्रसिद्ध जमकरान मस्जिद के ऊपर उड़ते हुए देखा जा सकता है। सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि इसी हेलीकॉप्टर में खामेनेई का पार्थिव शरीर रखा गया था। रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम यात्रा मंगलवार को कोम में आगे बढ़ेगी। इसके पश्चात, पार्थिव शरीर को धार्मिक अनुष्ठानों और अंतिम विदाई के लिए इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां आगे की धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
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