राजस्थान में पानी के लिए किसानों का उग्र प्रदर्शन, दिल्ली मुंबई रेलवे ट्रैक जाम

राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर में पांचना बांध के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज। दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक 1 घंटे तक जाम रहा। पूरी खबर पढ़ें।

Jun 16, 2026 - 23:35
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राजस्थान में पानी के लिए किसानों का उग्र प्रदर्शन, दिल्ली मुंबई रेलवे ट्रैक जाम

राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर जिले के किसानों के बीच पांचना बांध का पानी नहरों में छोड़ने का मुद्दा अब एक बड़े जनआंदोलन और गंभीर राजनीतिक विषय का रूप ले चुका है। वजीरपुर उपखंड के खंडीप गांव में चल रही किसान महापंचायत मंगलवार को 12वें दिन भी निरंतर जारी रही। इस आंदोलन ने उस समय उग्र रूप धारण कर लिया जब बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और ग्रामीण दिल्ली मुंबई रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों ने करीब 1 घंटे तक रेलवे ट्रैक को पूरी तरह जाम रखा, जिससे इस प्रमुख रेल मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ समझाइश कर ट्रैक को खाली कराया।

पांचना बांध विवाद और उच्च न्यायालय के आदेश

इस आंदोलन की मुख्य जड़ नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग और इस संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों की पालना सुनिश्चित करना है और हजारों की संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन में डटे हुए हैं। एक तरफ जहां खंडीप में महापंचायत चल रही है, वहीं दूसरी ओर पांचना बांध पर 39 गुर्जर बहुल गांवों के लोगों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि पानी के बहाव को लेकर किसी भी स्थिति पर नजर रखी जा सके। खंडीप गांव में आयोजित इस अनिश्चितकालीन महापंचायत की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रतिदिन अलग-अलग गांवों की जिम्मेदारी तय की जा रही है और क्षेत्र के हजारों महिला और पुरुष ट्रैक्टरों, बसों और अन्य निजी वाहनों के जरिए धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और राजनीतिक नेतृत्व

आंदोलन को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारी रामरसिया, पद दंगल और विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों का सहारा ले रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल भीड़ जुटाई जा रही है, बल्कि आंदोलन के उद्देश्यों को भी प्रसारित किया जा रहा है। गंगापुर सिटी के विधायक और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा पिछले 12 दिनों से लगातार धरना स्थल पर मौजूद हैं और किसानों का साथ दे रहे हैं। उनके साथ पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के सदस्य, विभिन्न गांवों के पंच-पटेल और सर्व समाज के प्रतिनिधि इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। मंगलवार 16 जून को जब बड़ी संख्या में ग्रामीण रेलवे फाटक और ट्रैक पर जमा हुए, तो दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग के प्रभावित होने की आशंका से प्रशासन और रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

रेलवे पर प्रभाव और प्रशासनिक चेतावनी

किसानों के इस प्रदर्शन का असर रेल सेवाओं पर साफ देखा जा रहा है। इस बड़े जाम से एक दिन पहले भी आंदोलन के कारण अवध एक्सप्रेस को करीब 30 मिनट तक रोकना पड़ा था। रेलवे ट्रैक पर बढ़ती भीड़ और बार-बार हो रहे प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए सोमवार शाम को विधायक रामकेश मीणा के साथ वजीरपुर थाने में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में एसएसपी राकेश राजौरा और डीएसपी राज मीणा ने आंदोलनकारियों से स्पष्ट रूप से अपील की कि वे रेलवे ट्रैक से दूर रहें और अधिकारियों ने चेतावनी भी दी कि रेल यातायात को बाधित करना कानूनी रूप से गलत है और इससे आम यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक पांचना बांध का पानी नहरों में नहीं छोड़ा जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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