राजस्थान सरकारी स्कूल एंट्री बैन: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर सियासी घमासान

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और वीडियो-फोटोग्राफी पर रोक। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश पर दी सफाई।

Aug 18, 2026 - 13:35
 0  0
राजस्थान सरकारी स्कूल एंट्री बैन: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर सियासी घमासान

राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों को लेकर जारी किए गए एक नए आदेश पर अब राज्य में सियासी घमासान मच गया है और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान भी सामने आया है, जिसने इस विवाद को और हवा दे दी है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश, फोटो खींचने, वीडियो बनाने और इंटरव्यू लेने को लेकर जारी किए गए इस आदेश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के उस बयान को लेकर उठ रहा है, जिसमें उन्होंने इस आदेश की जानकारी होने पर एक तरह की अनभिज्ञता जाहिर की है। शिक्षा मंत्री खुद यह कह रहे हैं कि उन्होंने इस प्रतिबंध के बारे में लोगों से सुना है, जबकि यह आदेश उन्हीं के विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है।

शिक्षा मंत्री का बयान और "सुना है" वाली टिप्पणी

" यह बात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि जिस विभाग से यह आदेश 16 अगस्त और 17 अगस्त को जारी हुआ, उसी सरकार के कैबिनेट मंत्री इस बात को "सुना है" कहकर बता रहे हैं। हालांकि, इस बयान के बाद मचे बवाल को देखते हुए मंत्री ने बाद में अपनी सफाई भी पेश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश या रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया है। मंत्री के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा और उनकी निजता को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम और कायदे बनाए गए हैं ताकि स्कूल के वातावरण को सुरक्षित रखा जा सके।

प्रधानाचार्य से लिखित अनुमति लेना होगा अनिवार्य

माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 16 अगस्त और 17 अगस्त को जारी किए गए आधिकारिक आदेश में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और उनकी गतिविधियों को लेकर कई कड़े दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर के भीतर फोटो लेने, वीडियो बनाने, इंटरव्यू लेने या लाइव स्ट्रीमिंग करने के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य से पहले से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना लिखित अनुमति के इस तरह की कोई भी गतिविधि स्कूल परिसर में प्रतिबंधित रहेगी। गौरतलब है कि राजस्थान के कई सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी और अन्य खामियां सामने आ रही हैं। इन खामियों को लेकर खुद स्कूल के छात्र ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में इस नए आदेश को उन विरोध प्रदर्शनों और स्कूलों की स्थिति को सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

विजिटर रजिस्टर और निगरानी के कड़े नियम

नए नियमों के अनुसार, स्कूल परिसर में आने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति की पूरी जानकारी विजिटर रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। इसमें व्यक्ति का नाम, आने का उद्देश्य और समय जैसी जानकारियां शामिल होंगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति को प्रधानाचार्य से अनुमति मिल भी जाती है, तो भी वह स्कूल परिसर में अकेला नहीं घूम सकेगा और उसे पूरे समय किसी शिक्षक, स्टाफ सदस्य या खुद प्रधानाचार्य के साथ ही रहना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि बाहरी व्यक्ति की गतिविधियां स्कूल के नियमों के दायरे में रहें और शिक्षण कार्य में कोई बाधा न आए।

बच्चों की सुरक्षा और 'इन लोको पेरेंटिस' का सिद्धांत

शिक्षा विभाग ने इस आदेश के पीछे बच्चों की सुरक्षा और उनकी निजता का हवाला दिया है। आदेश के तहत क्लासरूम, टॉयलेट, लैब और हॉस्टल जैसे संवेदनशील स्थानों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति के अकेले जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और विभाग ने इसके लिए 'इन लोको पेरेंटिस' के सिद्धांत का उल्लेख किया है, जिसका अर्थ है "माता-पिता के स्थान पर"। इस सिद्धांत के अनुसार, जब बच्चे स्कूल में होते हैं, तो उनकी सुरक्षा और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी शिक्षकों और स्कूल प्रशासन की होती है, ठीक वैसे ही जैसे उनके माता-पिता की होती है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी इस बात पर जोर दिया कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी नाबालिग बच्चे की फोटो लेने या उनका बयान (बाइट) लेने से पहले उनके अभिभावकों की अनुमति लेना कानूनी और नैतिक रूप से जरूरी है और मंत्री के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से भी बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की व्यवस्थाओं पर निरंतर नजर रखी जाती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow