राम मंदिर ट्रस्ट इस्तीफा: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़े पद, कोषाध्यक्ष ने की पुष्टि
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया। कोषाध्यक्ष ने चंदा चोरी मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया।
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस मामले में ट्रस्ट की ओर से पहला आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जिसमें इन इस्तीफों की पुष्टि की गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने सार्वजनिक रूप से यह जानकारी साझा की है कि दोनों पदाधिकारियों ने अपने पद छोड़ दिए हैं। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को पूरे दिन मीडिया और सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब विराम लग गया है।
इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि और घटनाक्रम
राम मंदिर चंदा चोरी मामले के सामने आने के बाद से ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ सवाल उठ रहे थे। इस प्रकरण ने तूल पकड़ा और जनता के बीच विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गईं। शनिवार को दोपहर बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने स्पष्ट किया कि दोनों व्यक्तियों ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस हो रही थी और कोषाध्यक्ष ने प्रेस रिलीज के माध्यम से इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।
चंदा चोरी मामले पर ट्रस्ट का रुख
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने जारी प्रेस रिलीज में राम लल्ला मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर गहरा खेद और दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना ने ट्रस्ट को हैरान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि भक्तों की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
भक्तों के दान की सुरक्षा का आश्वासन
स्वामी गोविंद देव गिरी ने देश और विदेश में रहने वाले करोड़ों राम भक्तों को संबोधित करते हुए उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम की सेवा के लिए भक्तों ने जो भी सामग्री ट्रस्ट के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी थी, वह पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें चांदी की ईंटें, कीमती गहने और अन्य बहुमूल्य सामग्रियां शामिल हैं। कोषाध्यक्ष ने बताया कि ट्रस्ट इन सभी चीजों का एक-एक कर सही और पूरा रिकॉर्ड रखता है। उन्होंने भक्तों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें, क्योंकि ट्रस्ट पूरी ईमानदारी के साथ सभी दान की गई वस्तुओं की सुरक्षा कर रहा है।
जांच और भविष्य की कार्रवाई
ट्रस्ट ने अपने बयान में यह भी साफ किया है कि चंदा चोरी से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की संभावना है। कोषाध्यक्ष ने दोहराया कि भक्तों द्वारा दी गई एक-एक पाई और हर उपहार का हिसाब सुरक्षित है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य मंदिर निर्माण और उसकी व्यवस्था को बिना किसी बाधा के और पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाना है। इस इस्तीफे के बाद अब यह देखना होगा कि ट्रस्ट में इन महत्वपूर्ण पदों पर किन नई नियुक्तियों को जगह दी जाती है।
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