लियोनल मेसी के पिता ओर्हे मेसी का निधन: दिग्गज फुटबॉलर के पिता और एजेंट ने 68 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
लियोनल मेसी के पिता और एजेंट ओर्हे मेसी का 68 वर्ष की आयु में निधन। रोसारियो के अस्पताल में ली अंतिम सांस। मेसी के करियर में निभाई अहम भूमिका।
फुटबॉल की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। महान फुटबॉल स्टार और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी के पिता ओर्हे मेसी का निधन हो गया है। ओर्हे मेसी 68 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गए। यह दुखद समाचार ऐसे समय में आया है जब लियोनल मेसी पहले से ही वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार की निराशा से जूझ रहे थे और पिता के निधन ने मेसी पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है, क्योंकि ओर्हे मेसी उनके लिए केवल एक पिता ही नहीं, बल्कि उनके करियर के सबसे बड़े मार्गदर्शक और आधार स्तंभ थे।
रोसारियो के अस्पताल में ली अंतिम सांस
अर्जेंटीनी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ओर्हे मेसी का निधन अर्जेंटीना के उनके अपने शहर रोसारियो के एक अस्पताल में हुआ और वह पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लंबे वक्त तक बीमारी से लड़ने के बाद उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली और ओर्हे मेसी का जाना न केवल मेसी परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है, बल्कि फुटबॉल जगत के लिए भी एक भावुक क्षण है, क्योंकि उन्होंने एक ऐसे खिलाड़ी को तराशने में मदद की जिसने खेल के इतिहास को बदल कर रख दिया।
हर पिता की तरह ओर्हे मेसी ने भी अपने बेटे को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की थी। लेकिन उनकी कहानी बाकी पिताओं से थोड़ी अलग और प्रेरणादायक रही। उन्होंने उस वक्त भी अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा और उनके सारे काम-काज संभालते रहे, जब लियोनल मेसी दुनिया के सबसे महान फुटबॉलरों की श्रेणी में शामिल हो चुके थे और उन्होंने मेसी के करियर के हर मोड़ पर एक ढाल की तरह काम किया और उनके पेशेवर जीवन को व्यवस्थित रखा।
13 साल की उम्र और स्पेन का वो ऐतिहासिक सफर
लियोनल मेसी के फुटबॉल के शिखर पर पहुंचने में उनके टैलेंट के साथ-साथ उनके पिता ओर्हे के संघर्ष का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जब मेसी की उम्र महज 13 साल थी, तब ओर्हे ही उन्हें लेकर रोसारियो से स्पेन पहुंचे थे। यह वह समय था जब मेसी के भविष्य को लेकर कई अनिश्चितताएं थीं, लेकिन ओर्हे के अटूट विश्वास के कारण ही बार्सिलोना के साथ उनका ऐतिहासिक करार संभव हो सका और इस एक फैसले ने मेसी के जीवन की दिशा बदल दी।
इसके बाद से ही लियोनल मेसी के करियर के सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में ओर्हे मेसी की भूमिका मुख्य रही। वह अपने बेटे के एजेंट के रूप में काम करते रहे। मेसी के कॉन्ट्रेक्ट से लेकर उनके कमर्शियल हितों और नए क्लब के चयन तक, हर प्रक्रिया में ओर्हे ने ही मुख्य भूमिका निभाई थी। यही कारण था कि लियोनल मेसी ने हमेशा अपने पिता की राय को सबसे ज्यादा अहमियत दी और हर बड़े फैसले से पहले उनकी सलाह ली।
स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें और परिवार की अपील
वर्ल्ड कप 2026 के दौरान ओर्हे मेसी के स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की खबरें और अफवाहें उड़ी थीं। उस समय स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मेसी परिवार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया था और परिवार ने सभी से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की थी और लोगों से अनुरोध किया था कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों और अटकलों से बचें। हालांकि, अब उनके निधन की पुष्टि होने के बाद खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
लियोनल मेसी के लिए यह समय व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर बहुत कठिन है और एक तरफ वर्ल्ड कप फाइनल की हार का गम और दूसरी तरफ पिता का साया सिर से उठ जाना, उनके लिए एक बड़ी परीक्षा की घड़ी है। ओर्हे मेसी ने न केवल एक पिता का फर्ज निभाया, बल्कि एक एजेंट के रूप में मेसी के व्यावसायिक हितों की भी रक्षा की। उनके मार्गदर्शन में ही मेसी ने फुटबॉल की दुनिया में वे ऊंचाइयां छुईं, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए एक सपना होती हैं।
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