ज्ञानेश कुमार विवाद पर ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से की बात, इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की मांग

ममता बनर्जी ने राहुल गांधी और सीपीआई (एम) नेताओं से बात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की मांग की है।

Sep 26, 2026 - 12:35
 0  0
ज्ञानेश कुमार विवाद पर ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से की बात, इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की सियासत में इन दिनों भारी उबाल देखने को मिल रहा है। इंडियन एक्सप्रेस द्वारा किए गए एक खुलासे के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे ने पूरे विपक्ष को एक बार फिर से एकजुट होने का मौका दे दिया है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से फोन पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से इंडिया गठबंधन की एक आपातकालीन बैठक बुलाने का पुरजोर आग्रह किया है।

दशकों पुरानी दुश्मनी दरकिनार, टीएमसी और सीपीआई (एम) में बातचीत

पश्चिम बंगाल की राजनीति में दशकों से एक-दूसरे की कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और सीपीआई (एम) के बीच इस मुद्दे पर संवाद होना एक बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है। ममता बनर्जी ने अपने पुराने मतभेदों को किनारे रखते हुए सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी से फोन पर बात की। इन दोनों नेताओं के बीच चुनाव आयोग (ईसी) की लगातार घटती विश्वसनीयता और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा हुई। हालांकि ये दोनों पार्टियां विपक्षी इंडिया गठबंधन की संस्थापक सदस्य हैं, लेकिन इससे पहले उनके बीच इस तरह का कोई औपचारिक संपर्क नहीं देखा गया था।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट अभियान की जरूरत

बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी और एमए बेबी ने अपनी बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि चुनाव आयोग, चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र की साख को बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ मिलकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को लेकर ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से भी संपर्क साधा और उनसे अनुरोध किया कि इंडिया ब्लॉक की बैठक तुरंत बुलाई जाए। ममता बनर्जी का सुझाव है कि यदि संभव हो तो अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को ही यह बैठक आयोजित की जाए ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक ठोस और संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और SIR का विवाद

विपक्ष की इस सक्रियता के पीछे 23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में यह सनसनीखेज दावा किया गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर कई गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों के कारण चुनाव आयोग के भीतर गहरे मतभेद पैदा हो गए हैं, जिसने आयोग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिया है।

ममता बनर्जी की कड़े तेवर और दोबारा चुनाव की मांग

ममता बनर्जी ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मांग की है कि पश्चिम बंगाल और उन सभी राज्यों में जहां 2025 में SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद चुनाव संपन्न हुए थे, वहां दोबारा विधानसभा चुनाव कराए जाने चाहिए। उनकी मांग है कि ये नए चुनाव SIR से पहले वाली पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर होने चाहिए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि SIR के नाम पर बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए गए हैं और चुनावी प्रक्रिया में धांधली की गई है।

CEC की गिरफ्तारी की मांग और विरोध प्रदर्शन का ऐलान

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एजेंट करार दिया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और कहा है कि उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक उनकी पार्टी पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। गौरतलब है कि टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक जैसे मुद्दों को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी का चुनाव आयोग के साथ पहले से ही लंबा विवाद चल रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow